UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल अभी से गर्म होने लगा है। एक तरफ विपक्ष योगी सरकार को घेरने और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा समर्थक सरकार के कामकाज का बचाव करते नजर आ रहे हैं। इसी बीच खबर इंडिया की टीम ने लोगों के बीच पहुंचकर यह जानने की कोशिश की कि आखिर लोकतंत्र को खतरा किससे है, क्या प्रदेश में योगी सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है और आगामी चुनाव में जनता का रुख क्या हो सकता है। इस दौरान कई लोगों ने भाजपा और योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपनी राय रखी, जबकि विपक्षी नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए।
UP Election 2027: लोकतंत्र को खतरा किससे है?
खबर इंडिया से बातचीत में प्रमोद राणा नाम के एक व्यक्ति ने कहा कि लोकतंत्र और देश की एकता के लिए खतरा उन लोगों से है, जो देश में दंगे और अशांति फैलाना चाहते हैं। उनका कहना था कि कुछ हजार लोगों के विरोध प्रदर्शन से करोड़ों मतदाताओं के फैसले को गलत नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जनता ने वोट देकर चुना है।उन्होंने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों को भी गलत बताया। उनका कहना था कि कभी ईवीएम, कभी चौकीदार और अब वोट चोरी का मुद्दा उठाकर विपक्ष लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, देश में आपातकाल के समय लोकतंत्र और संविधान को वास्तविक खतरा पहुंचा था, जब लोगों की आवाजाही और अधिकारों पर पाबंदियां लगाई गई थीं।उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आंध्र प्रदेश की घटना भी याद दिलाई। उनका कहना था कि तत्कालीन सरकार ने एक निर्वाचित राज्य सरकार को इसलिए बर्खास्त कर दिया था, क्योंकि मुख्यमंत्री एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने नहीं पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में ऐसी कई घटनाएं हैं, जिन पर चर्चा की जा सकती है।
विपक्ष के प्रदर्शन और फंडिंग पर उठाए सवाल
प्रमोद राणा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को बाहरी ताकतों से आर्थिक मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि यहां जुटे लोग अपनी इच्छा से और अपने खर्च पर आए हैं, क्योंकि वे योगी आदित्यनाथ के कामकाज से संतुष्ट हैं।उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन करने वाले कुछ लोग देश में अशांति फैलाने की बातें कर रहे हैं। उनके मुताबिक, विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन देश को नुकसान पहुंचाने और हिंसा की धमकी देने को सही नहीं ठहराया जा सकता।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले अपराध और गुंडागर्दी का माहौल था, लेकिन योगी सरकार में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है। उनका दावा था कि अब महिलाएं देर शाम तक भी सुरक्षित तरीके से घर से बाहर निकल सकती हैं। पहले कई इलाकों में बिजली की स्थिति भी खराब थी, जबकि अब लोगों को 24 घंटे बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।
UP Election 2027: वोट चोरी के आरोपों पर क्या बोले?
जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष का दावा है कि जनता योगी सरकार को हटाना चाहती है और चुनाव में गड़बड़ी की आशंका है, तो उन्होंने इन आरोपों को खारिज कर दिया।उनका कहना था कि अगर जनता विपक्ष के साथ होती तो उसे चुनावों में समर्थन मिलता। उन्होंने एमएलसी चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष को वहां भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को जनता का समर्थन हासिल है और आगामी विधानसभा चुनाव में भी पार्टी जीत दर्ज करेगी।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या को लेकर भी गलत दावे किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, दिल्ली में लाखों लोगों के जुटने का दावा किया गया था, लेकिन वहां लगाई गई कुर्सियां खाली दिखाई दे रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ जुटाने को लेकर किए गए दावे वास्तविकता से मेल नहीं खाते।
बांग्लादेशी घुसपैठियों और वोटर लिस्ट का मुद्दा
अखिलेश यादव के उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताने संबंधी आरोपों पर भी प्रमोद राणा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता देश के लोगों के बजाय बांग्लादेशियों और रोहिंग्या समुदाय के लोगों के प्रति अधिक सहानुभूति दिखाते हैं।उनका आरोप था कि वोटर लिस्ट से किसी भारतीय नागरिक का नाम नहीं काटा गया है और विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर वोट चोरी का आरोप लगा रहा है। उन्होंने दावा किया कि असल परेशानी विपक्ष को इस बात से है कि लोग अब उन्हें वोट नहीं दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी और बिहार से तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता दिल्ली में प्रदर्शन के लिए पहुंचे हैं। उनके मुताबिक, जनता अब विपक्ष की राजनीति को समझने लगी है और देश के हित में काम करने वालों का ही समर्थन करेगी।
UP Election 2027: छात्रों के आंदोलन और उमर खालिद की रिहाई के मुद्दे पर सवाल
छात्रों के आंदोलनों में सरजील इमाम और उमर खालिद जैसे लोगों की रिहाई की मांग उठने के सवाल पर उन्होंने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि ऐसी मांगों के कारण राष्ट्रवादी विचार रखने वाले लोग विपक्ष से दूरी बना रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसे व्यक्तियों का समर्थन करते हैं, जिन पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। उनके मुताबिक, भाजपा समाज और देश को जोड़ने की बात करती है, इसलिए लोग उसके साथ खड़े हैं।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में चुनाव और मोहम्मद अली जिन्ना से जुड़ी कथित मांगों पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, वे लोग इसी विचारधारा का विरोध करने के लिए एकजुट हुए हैं और लोगों को अपनी सोच बदलने के लिए समझाने का प्रयास करेंगे।हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों, किसानों या आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखने का पूरा अधिकार है। अगर किसी को परेशानी है तो उसे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखनी चाहिए। सड़कें जाम करने, तोड़फोड़ करने या हिंसा की धमकी देने के बजाय सरकार तक अपनी बात पहुंचानी चाहिए।
अखिलेश यादव की मथुरा में मंदिर बनाने की मांग पर चुनौती
अखिलेश यादव के अयोध्या से चुनाव लड़ने के दावे और भगवान कृष्ण के प्रति उनकी भक्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए। इस पर प्रमोद राणा ने कहा कि अगर अखिलेश यादव वास्तव में भगवान कृष्ण के भक्त हैं, तो उन्हें मथुरा में मंदिर बनाने का खुलकर समर्थन करना चाहिए।उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अखिलेश यादव से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या वे मथुरा में भगवान कृष्ण का मंदिर बनवाने की घोषणा करेंगे। उनके मुताबिक, ऐसा करने से उनकी धार्मिक आस्था की वास्तविकता सामने आ जाएगी।उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव विशेष वर्ग के वोटों को ध्यान में रखकर इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय नहीं रखते। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव लगातार भाजपा पर सवाल उठाते हैं, लेकिन उनके पास जनता के बीच जाने और काम करने का समय नहीं है।
UP Election 2027: 2027 में फिर योगी सरकार बनने का दावा
प्रमोद राणा ने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को सत्ता से हटाना आसान नहीं है, क्योंकि जनता उनके साथ है।उन्होंने अखिलेश यादव के सत्ता में वापसी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा का एक सामान्य कार्यकर्ता भी उन्हें चुनाव में हरा सकता है। उन्होंने साइकिल के टायर का उदाहरण देते हुए समाजवादी पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसा।उनका कहना था कि भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है और प्रदेश में पार्टी के पक्ष में माहौल बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव चाहे कहीं से भी चुनाव लड़ें, उन्हें भाजपा की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने भी किया योगी सरकार का समर्थन
इसके बाद खबर इंडिया की टीम ने पदयात्रा में शामिल महिलाओं से भी सवाल किए। महिलाओं ने बताया कि वे योगी आदित्यनाथ की ओर से निकाली गई पदयात्रा के समर्थन में आई हैं। उनका कहना था कि विपक्षी दल दिल्ली और अन्य जगहों पर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और वे इसके विरोध में अपनी आवाज उठाने पहुंची हैं।महिलाओं ने कहा कि जनता ने भाजपा को चुनकर सरकार बनाने का मौका दिया है। ऐसे में विपक्ष को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जनता का समर्थन भाजपा के साथ है और योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे।एक महिला ने कहा कि रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी और उनका उत्साह इस बात का संकेत है कि वे मोदी और योगी के नेतृत्व को फिर से देखना चाहती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के कामों का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण एक बड़ा काम है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री ने महिलाओं और गरीबों के लिए भी कई योजनाएं शुरू की हैं।
UP Election 2027: महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं को बताया बड़ा फायदा
विदुषी नाम की एक महिला ने योगी सरकार के कार्यकाल को लेकर कहा कि महिलाओं को कई तरह के लाभ मिले हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश में महिलाएं अब पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं और नौकरी के लिए समय पर घर से निकलने और वापस लौटने में उन्हें कम परेशानी होती है।उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस, राशन और बच्चों के टीकाकरण जैसी सुविधाओं का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि गर्भवती महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार महिलाओं के लिए इतनी सुविधाएं दे रही है, तो यह कैसे कहा जा सकता है कि भाजपा उनके हित में काम नहीं कर रही है।
बुलडोजर कार्रवाई पर महिलाओं ने रखी अपनी राय
अखिलेश यादव के इस आरोप पर कि योगी सरकार में बुलडोजर की कार्रवाई धर्म देखकर की जाती है, महिलाओं ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि बुलडोजर किसी के खिलाफ बिना वजह नहीं चलाया जाता, बल्कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने और लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।एक महिला ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति महिलाओं की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता है या समाज में अराजकता फैलाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करने वालों से सवाल किया कि उन्हें उन पीड़ित महिलाओं के बारे में भी सोचना चाहिए, जिनके साथ गलत हुआ है।अखिलेश यादव के बुलडोजर की स्टीयरिंग घूमने वाले बयान पर भी उन्होंने तंज कसा। उनका कहना था कि सरकार को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखनी चाहिए।
UP Election 2027: सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ मिलने का दावा
जब महिलाओं से पूछा गया कि क्या भाजपा सरकार केवल एक समुदाय के लिए काम कर रही है, तो उन्होंने इस आरोप को गलत बताया। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है।उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसी एक समुदाय के लिए काम नहीं कर रही है। उनके मुताबिक, हर वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा मिल रहा है।योगी सरकार पर हिंदू-मुस्लिम के बीच भेदभाव करने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज किया। उनका कहना था कि लोग अपनी सोच के आधार पर दूसरों पर आरोप लगाते हैं, जबकि उन्हें प्रदेश में किसी तरह का भेदभाव नजर नहीं आता।
मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र कर विपक्ष को घेरा
मुजफ्फरनगर में 2013 में हुए दंगों का जिक्र करते हुए महिलाओं ने कहा कि उस समय प्रदेश की स्थिति काफी खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार के दौरान दंगों में कई निर्दोष लोगों की जान गई थी और उस समय पीड़ित परिवारों की समस्याओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।एक महिला ने दावा किया कि वह खुद उस समय वहां मौजूद थी और उसने हालात देखे थे। उसने कहा कि उस समय कई इलाकों में बिजली की समस्या थी, सड़कें खराब थीं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता रहती थी। इसके उलट, अब वहां बिजली और सड़क जैसी सुविधाओं में सुधार हुआ है।उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों में जिन लोगों ने अपनों को खोया, उनके लिए उस घटना को भुलाना आसान नहीं है। इसलिए पुरानी घटनाओं को याद करना गलत नहीं है। महिलाओं ने तत्कालीन सरकार में आजम खान की भूमिका का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय की जिम्मेदारियों पर सवाल उठने चाहिए।एक महिला ने यह भी कहा कि कुछ विपक्षी नेता आज उन लोगों के समर्थन में खड़े दिखाई देते हैं, जिनकी भूमिका पर उस समय सवाल उठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपने राजनीतिक फायदे के लिए पुराने मुद्दों को अलग तरीके से पेश करता है।
UP Election 2027: राम मंदिर और मथुरा के मुद्दे पर भी रखी राय
महिलाओं ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उनका कहना था कि मंदिर का निर्माण पहले भी हो सकता था, लेकिन लंबे समय तक इस दिशा में काम नहीं हुआ। अब राम मंदिर बनने के बाद देश और विदेश में लोग जय श्रीराम के नारे लगा रहे हैं।उन्होंने कहा कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ है, उसी तरह भविष्य में मथुरा में भी मंदिर बन सकता है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि वे इस मुद्दे पर साथ आकर काम क्यों नहीं करना चाहते।मुजफ्फरनगर दंगों को केवल जाटों के बीच का संघर्ष बताने संबंधी सवाल पर भी महिलाओं ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस तरह की बातें करके घटना की गंभीरता को कम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहर से आर्थिक मदद लेकर प्रदेश में अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
आंदोलन कर रहे युवाओं पर भी उठाए सवाल
दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन को लेकर एक महिला ने कहा कि विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी को अपने नेताओं या सरकार के खिलाफ अपशब्द कहने चाहिए।उन्होंने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह घर में माता-पिता और मुखिया के कुछ नियम होते हैं, उसी तरह सरकार के भी अपने नियम होते हैं। अगर किसी मांग को पूरा नहीं किया जाता है, तो उसका विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल कुछ युवाओं को बाहर से बुलाया गया है और उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है।महिलाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जनता का समर्थन हासिल है। इसलिए उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विपक्ष के वोट चोरी रोकने के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाताओं को अपने वोट की सुरक्षा खुद करनी चाहिए।
योगी सरकार की वापसी को लेकर महिलाओं में उत्साह
अंत में महिलाओं ने एक बार फिर दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी और योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे। उनका कहना था कि अखिलेश यादव के सत्ता में लौटने के दावे केवल राजनीतिक बयान हैं।उन्होंने विपक्ष पर प्रदेश में अशांति फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। महिलाओं ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनने देना चाहतीं, जहां अपराध और अव्यवस्था का माहौल हो।खबर इंडिया से बातचीत में सामने आए इन विचारों से साफ है कि पदयात्रा में शामिल लोगों के बीच योगी सरकार के समर्थन में उत्साह दिखाई दिया। हालांकि, लोकतंत्र, वोट चोरी, कानून-व्यवस्था, बुलडोजर कार्रवाई, धार्मिक मुद्दों और विपक्ष की राजनीति को लेकर उनके विचार राजनीतिक रूप से काफी स्पष्ट और एकतरफा थे।








