CM Yogi Fake Video: उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने का मामला सामने आया है। इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में ‘उ से उत्तर प्रदेश’ नाम के सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि इस अकाउंट के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम और छवि का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो तैयार किए जा रहे थे और उन्हें फेसबुक पर पोस्ट किया जा रहा था। इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के लखनऊ महानगर नगर महामंत्री अमित त्रिपाठी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने अकाउंट संचालक की पहचान कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
CM Yogi Fake Video: 5 नवंबर की रात 8:50 बजे दर्ज हुई FIR

पुलिस दस्तावेजों के मुताबिक, हजरतगंज थाने में 5 नवंबर 2026 को रात 8:50 बजे FIR संख्या 0241 दर्ज की गई। शिकायतकर्ता के रूप में अमित त्रिपाठी का नाम दर्ज है। FIR में आरोपी के नाम और पते को अज्ञात बताया गया है। यानी फिलहाल सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने वाले व्यक्ति की पहचान सामने नहीं आई है। शिकायत में कहा गया है कि ‘उ से उत्तर प्रदेश’ नाम से एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया गया है। आरोप है कि इस अकाउंट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पर फर्जी और अभद्र वीडियो बनाकर फेसबुक पर लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इसे मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।
CM Yogi Fake Video: BNS और IT एक्ट की इन धाराओं में मामला दर्ज
FIR में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 319(2) और 336(4) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66C के तहत मामला दर्ज किया है।
* BNS धारा 319(2): प्रतिरूपण करके धोखाधड़ी करने से संबंधित प्रावधान।
* BNS धारा 336(4): जालसाजी से संबंधित प्रावधान।
* IT एक्ट धारा 66C: किसी दूसरे व्यक्ति की इलेक्ट्रॉनिक पहचान का धोखाधड़ी से इस्तेमाल करने से संबंधित प्रावधान।
अमित त्रिपाठी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
अमित त्रिपाठी ने अपनी शिकायत में कहा कि अकाउंट संचालक की गतिविधियों से भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि इस फर्जी अकाउंट को चलाने वाले व्यक्ति, संस्था या समूह की पहचान की जाए और संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाए।
इंस्पेक्टर प्रकाश सिंह को सौंपी गई जांच
FIR में मामले की जांच इंस्पेक्टर प्रकाश सिंह को सौंपी गई है। FIR पर थाना प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा के हस्ताक्षर हैं। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अकाउंट के वास्तविक संचालक की पहचान करना और कथित फर्जी वीडियो के स्रोत का पता लगाना है।
सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान बनी जांच का अहम पहलू
FIR में आरोपी का नाम और पता अज्ञात दर्ज है। ऐसे में जांच के दौरान पुलिस को अकाउंट की प्रोफाइल डिटेल, उसे बनाने में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल करनी होगी। इसके जरिए अकाउंट संचालक तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
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