Adani Evos Deal: अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्वतंत्र लिक्विड स्टोरेज ऑपरेटर Evos BV का अधिग्रहण करने का समझौता किया है। कंपनी ने यह सौदा 2.56 बिलियन यूरो (करीब 2.56 अरब यूरो) की एंटरप्राइज वैल्यू पर किया है। इस ऑल-कैश डील के तहत APSEZ, इग्निओ इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स से Evos BV की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। कंपनी के मुताबिक, इस अधिग्रहण का उद्देश्य अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार का विस्तार करना और एक वैश्विक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म तैयार करना है। APSEZ के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने भी इस डील को कंपनी की विकास यात्रा का अहम पड़ाव बताया है।
Adani Evos Deal: पूरी तरह कैश में हुआ 2.56 बिलियन यूरो का सौदा
APSEZ के अनुसार, इस अधिग्रहण में Evos का इक्विटी मूल्य 1.18 बिलियन यूरो आंका गया है। वहीं, इस सौदे का EV/EBITDA मल्टीपल कैलेंडर वर्ष 2025 के आधार पर 11.7 गुना है। इस अधिग्रहण के लिए फंडिंग कर्ज के जरिए की जाएगी। हालांकि, इस डील को पूरा करने के लिए जरूरी नियामकीय मंजूरियों और वर्क्स काउंसिल कंसल्टेशन की प्रक्रिया अभी बाकी है। Evos ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 392 मिलियन यूरो का राजस्व दर्ज किया, जबकि कंपनी का EBITDA 219 मिलियन यूरो रहा। इस तरह कंपनी का EBITDA मार्जिन करीब 56 प्रतिशत रहा।
Adani Evos Deal: डील पर क्या बोले MD करण अदाणी?
APSEZ के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने इस अधिग्रहण को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि Evos का अधिग्रहण APSEZ को एक बिलियन टन कार्गो संभालने और वास्तविक वैश्विक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म बनाने के लक्ष्य के करीब ले जाएगा। करण अदाणी के मुताबिक, इस अधिग्रहण से कंपनी को दुनिया के प्रमुख लिक्विड स्टोरेज और एनर्जी हब में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि कंपनी यूरोप के साथ साझेदारी करने, वहां सस्टेनेबल एनर्जी ट्रांजिशन में सहयोग देने और दीर्घकालिक मूल्य बनाने के लिए उत्सुक है। इसके साथ ही कंपनी अपनी वित्तीय समझदारी और अनुशासन को भी बनाए रखेगी।
किन यूरोपीय देशों में कारोबार करती है Evos?
नीदरलैंड में मुख्यालय वाली Evos यूरोप के कई प्रमुख ऊर्जा और औद्योगिक केंद्रों में कारोबार करती है। कंपनी नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा में स्थित आठ बंदरगाह आधारित टर्मिनलों का संचालन करती है। इन टर्मिनलों के जरिए कंपनी की कुल स्टोरेज क्षमता 6.3 मिलियन क्यूबिक मीटर है। इसके प्रमुख कारोबारी केंद्रों में एम्स्टर्डम-रॉटरडैम-एंटवर्प क्षेत्र, हैम्बर्ग और भूमध्यसागरीय क्षेत्र शामिल हैं।
अधिग्रहण के बाद कितना रहेगा कर्ज?
इस अधिग्रहण के बाद APSEZ और Evos की संयुक्त इकाई का प्रो-फॉर्मा नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 2.76 गुना रहने का अनुमान है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 तक यह अनुपात घटकर करीब 2.5 गुना हो जाएगा। यह अधिग्रहण APSEZ के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। इससे कंपनी को यूरोप के प्रमुख ऊर्जा और औद्योगिक बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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