New Delhi News: दिल्ली सरकार हर तीन किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनायेगी। इस काम की शुरुआत 1 अप्रैल से होगी। पहली शुरुआत में दिल्ली को धुआं रहित बनाने का काम दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का था। उन्होंने अधिक से अधिक वाहनों में सीएनजी से चालित सिस्टम को लगवाया। एक बार डीजल का धुआं सारी दिल्ली में वातावरण को विषाक्त करता था, लेकिन उनके जबर्दस्त अभियान ने जहरीली गैसों को रोकने में काफी मदद की। इसके लिए उन्हें अंतर्राष्टीय स्तर पर पुरस्कार भी मिला।
बैटरी रीसाइक्लिंग करवाने की भी योजना है। अधिकारियों का कहना है कि जिस दर से इलेक्ट्कि वाहन बढ़ंेगे, उसी दर से प्रयोग की गई खराब बैटरियां भी दिखेंगी। इन बैटरियों को रिचार्ज करने पर काम में लाया जा सकता है। इसमें लिथियम आयन बड़ी चुनौती है। इसलिए नई नीति में पहली बार उनके संग्रह, रिसाइक्लिंग और सुरक्षित विस्तारण के लिए एक संगठित तंत्र का प्रस्ताव है, ताकि काम में लाई हुई बैटरियों को पुनः इस्तेमाल योग्य बना पायेंगे।
सरकार का मानना है कि 5 साल में दिल्ली में 25 हजार से अधिक चार्जिंग स्टेशन काम कर पायेंगे।
नये चार्जिंग स्टेशनों के लिए बाजार परिसरों, बहुस्तरीय पार्किंग स्थानों, रेजिडेंट वेलफियर एसोशिएसन के परिसरों, सरकारी भवनों और कार्यालयों के साथ मुख्य सड़कों के किनारे लगाए जा सकते हैं, ताकि लोग आसानी से चार्जिंग की सुविधा का उपयोग कर सकें।
प्रयास अच्छा है। भविष्य का ईंधन क्या होगा, उस पर वैज्ञानिक वैकल्पिक संसाधनों के विकास पर काम कर रहे है। बाजार में हाइड्ोजन गैस से चलने वाली गाड़ियां भी तैयार हो गयी हैं। उसका दौर भी आने वाला है।
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