Canada news: कनाडा में पिछले 80 वर्षों में सबसे बड़ी जनसंख्या गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अन्य अस्थायी निवासियों की संख्या में तेज कमी बताई जा रही है। स्टेटिस्टिक्स कनाडा (StatCan) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 2025 की दूसरी और तीसरी तिमाही के बीच कनाडा की आबादी में 76,068 लोगों की कमी आई, जो कुल जनसंख्या का लगभग 0.2% है।
1946 के बाद सबसे तेज गिरावट
स्टेटकैन के अनुसार, 1946 से अब तक कनाडा की जनसंख्या में इतनी तेज गिरावट कभी दर्ज नहीं की गई। इससे पहले आखिरी बार कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 की अंतिम तिमाही में जनसंख्या में मामूली गिरावट देखी गई थी, तब सिर्फ़ 1,232 लोगों की कमी हुई थी। इसके उलट, 2023 की तीसरी तिमाही में कनाडा ने रिकॉर्ड जनसंख्या वृद्धि दर्ज की थी। उस दौरान आबादी में 4.18 लाख से अधिक लोगों का इज़ाफा हुआ था, जो 1957 के बाद सबसे तेज़ त्रैमासिक वृद्धि थी। हालांकि, बड़े पैमाने पर इमिग्रेशन को लेकर बढ़ते जन असंतोष और आवास व बुनियादी ढांचे पर दबाव के चलते सरकार को सख्त नीतियां अपनानी पड़ीं।
Canada news: 2025 में कैसे बदले हालात
स्टेटकैन की रिपोर्ट बताती है कि 2025 की तीसरी तिमाही में जनसंख्या घटने की सबसे बड़ी वजह गैर-स्थायी निवासियों (Non-Permanent Residents) की संख्या में भारी गिरावट रही। इस अवधि में उनकी संख्या 1,76,479 कम हो गई। 1 अक्टूबर 2025 तक कनाडा में गैर-स्थायी निवासियों की संख्या घटकर 28.47 लाख रह गई, जबकि 1 जुलाई 2025 को यह आंकड़ा 30.24 लाख था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरावट रिकॉर्ड स्तर पर हुए डिपोर्टेशन और सख्त इमिग्रेशन नीतियों का नतीजा है।
Canada news: भारतीय छात्रों की संख्या में भी तेज गिरावट
इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के बीच कुल 1,46,505 स्टडी परमिट जारी किए गए। इनमें से सिर्फ़ 24,030 परमिट भारतीय छात्रों को मिले, जो कुल का 16.4% है। पिछले साल इसी अवधि में भारतीय छात्रों को 52,425 परमिट मिले थे, जो कुल स्टडी वीज़ा का लगभग 30% था। यानी एक साल में भारतीय छात्रों के परमिट लगभग आधे रह गए हैं।
लगातार घटाए जा रहे हैं भारतीयों के वीज़ा
पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान भारतीय नागरिकों को मिलने वाले वीज़ा में लगातार कटौती देखी गई। सितंबर 2025 में कुल 49,350 वीज़ा में से केवल 8,400 भारतीयों को जारी किए गए, जबकि सितंबर 2024 में 46,230 में से 14,385 वीज़ा भारतीयों को मिले थे। यह गिरावट 2023 की आखिरी तिमाही में लागू की गई उन नीतियों के बाद आई, जिनका मकसद अस्थायी प्रवासियों की संख्या को नियंत्रित करना था। सरकार का तर्क था कि अधिक इमिग्रेशन से हाउसिंग महंगी हो रही है और सार्वजनिक संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।
आगे और सख्ती की तैयारी
IRCC के अनुसार, सरकार ने 2026 के लिए स्टडी परमिट की संख्या 4.08 लाख तक सीमित करने का फैसला किया है। इसमें 1.55 लाख नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों और 2.53 लाख मौजूदा छात्रों के एक्सटेंशन शामिल होंगे। यह लक्ष्य 2025 की तुलना में 7% और 2024 की तुलना में 16% कम है। नए इमिग्रेशन लेवल्स प्लान के तहत कनाडा ने अस्थायी निवासियों, जिनमें विदेशी कामगार और अंतरराष्ट्रीय छात्र शामिल हैं, के प्रवेश में करीब 43% की कटौती करने का फैसला किया है। सरकार पहले हर साल 3.05 लाख नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्वीकार करने की योजना बना रही थी, लेकिन अब यह लक्ष्य घटाकर 1.55 लाख कर दिया गया है, जिसे 2027 और 2028 में और कम कर 1.50 लाख किया जाएगा।
क्यों घट रही है कनाडा की जनसंख्या
Canada news: IRCC का कहना है कि 2024 में पहली बार लागू की गई स्टडी परमिट कैप अस्थायी जनसंख्या की वृद्धि को रोकने में प्रभावी रही है। जनवरी 2024 में जहां स्टडी परमिट धारकों की संख्या 10 लाख से अधिक थी, वहीं सितंबर 2025 तक यह घटकर लगभग 7.25 लाख रह गई। विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त इमिग्रेशन नीतियां, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की घटती संख्या और बड़े पैमाने पर गैर-स्थायी निवासियों की वापसी या डिपोर्टेशन, आने वाले समय में भी कनाडा की जनसंख्या पर असर डाल सकते हैं।
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