Home » उत्तर प्रदेश » खीरी में बैंक मैनेजर की बदसलूकी पर व्यापारियों का फूटा गुस्सा, घेराव के बाद टेकने पड़े घुटने

खीरी में बैंक मैनेजर की बदसलूकी पर व्यापारियों का फूटा गुस्सा, घेराव के बाद टेकने पड़े घुटने

Lakhimpur Kheri
Spread the love

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन कस्बे में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब एक बैंक मैनेजर द्वारा कस्बे के प्रतिष्ठित व्यापारियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप सामने आया। धार्मिक आयोजन गायत्री यज्ञ का निमंत्रण देने पहुंचे व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को कथित तौर पर अपमानित कर बैंक से बाहर निकाल दिया गया। घटना की जानकारी फैलते ही व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में आक्रोश फैल गया, जिसके बाद बैंक के बाहर जमकर प्रदर्शन हुआ।

धार्मिक निमंत्रण बना विवाद की वजह

कस्बे में आयोजित होने वाले भव्य गायत्री यज्ञ के लिए व्यापार मंडल के पदाधिकारी नगर में जनसंपर्क कर रहे थे। इसी क्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल स्थानीय बैंक शाखा पहुंचा, जहां बैंक मैनेजर को यज्ञ का निमंत्रण पत्र सौंपा जाना था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैनेजर ने न सिर्फ निमंत्रण स्वीकार करने से इनकार किया, बल्कि व्यापारियों से रूखे लहजे में बात करते हुए उन्हें बैंक से बाहर निकलने को कह दिया।

Lakhimpur Kheri: व्यापारियों में उबाल

घटना के बाद व्यापारियों ने इसे पूरे व्यापारिक समाज का अपमान बताया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग बैंक के बाहर एकत्र हो गए। नारेबाजी और धरना प्रदर्शन के चलते बैंक का कामकाज प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक बैंक मैनेजर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, आंदोलन जारी रहेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को मौके पर बुलाया गया। बढ़ते दबाव और व्यापारियों की एकजुटता के बीच अंततः बैंक मैनेजर को बाहर आकर अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। उन्होंने काम के दबाव और गलतफहमी का हवाला देते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। माफी के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और स्थिति सामान्य हुई।

इस पूरे घटनाक्रम ने अधिकारियों और आमजन के बीच व्यवहार और संवाद को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सम्मान का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, यह घटना अन्य अधिकारियों के लिए भी संदेश है कि पद की गरिमा के साथ-साथ शिष्टाचार और संवेदनशीलता का पालन अनिवार्य है।

Report By: संजय कुमार राठौर   

ये भी पढ़े… कुलदीप सेंगर की जमानत के बाद फंसे बृजभूषण! रेप पीड़िता ने लगाया बड़ा आरोप

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments