Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी, जो अब तक अपनी चीनी मिलों, कृषि उत्पादों और दुधवा नेशनल पार्क के लिए जाना जाता था, अब देश के नक्शे पर एक बड़े परिवहन और आर्थिक केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। भारत सरकार ने बहुप्रतीक्षित पानीपत–गोरखपुर हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जिसका सीधा लाभ लखीमपुर खीरी जिले को मिलने वाला है। यह एक्सप्रेस-वे जिले के मध्य से होकर गुजरेगा, जिससे तराई क्षेत्र को सीधे दिल्ली-NCR और पूर्वांचल से जोड़ा जाएगा। परियोजना को मंजूरी मिलते ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
NHAI ने जिले की संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारियों (SDM) को पत्र भेजकर जमीन के चिन्हांकन, सर्वे और अधिग्रहण की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने की संभावना है, जिससे किसानों और भूमि स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा मिल सकेगा।
Lakhimpur Kheri: तीन तहसीलों को सीधा लाभ
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जिले की तीन प्रमुख तहसीलें सीधे तौर पर जुड़ेंगी…
मोहम्मदी तहसील: एक्सप्रेस-वे का प्रवेश बिंदु मोहम्मदी के पास होने की संभावना है, जिससे यह पिछड़ा क्षेत्र आधुनिक नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
गोला गोकर्णनाथ (छोटी काशी): धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र होने के कारण गोला में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को नया आयाम मिलेगा।
लखीमपुर सदर: जिला मुख्यालय से दिल्ली और गोरखपुर की दूरी अब समय और सुविधा दोनों के लिहाज से काफी कम हो जाएगी।

दिल्ली और गोरखपुर की दूरी होगी आधी
फिलहाल लखीमपुर से दिल्ली या NCR क्षेत्र की यात्रा में 10 से 12 घंटे तक लग जाते हैं। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद दिल्ली-NCR का सफर 5–6 घंटे में पूरा होने की उम्मीद होगी, जबकि अयोध्या और गोरखपुर के लिए भी सीधा, तेज और सुरक्षित मार्ग मिलेगा। यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ते हुए एक इकोनॉमिक कॉरिडोर की भूमिका निभाएगा।
Lakhimpur Kheri: उद्योग, रोजगार और कृषि को मिलेगा बढ़ावा
हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे लखीमपुर खीरी के लिए केवल सड़क नहीं, बल्कि विकास का द्वार साबित होगा।
औद्योगिक विकास: एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक पार्क और वेयरहाउस विकसित होने की संभावना
रोजगार के अवसर: निर्माण कार्य, टोल प्लाजा, होटल, ढाबे और पेट्रोल पंप से स्थानीय युवाओं को रोजगार
किसानों को फायदा: फसलों को दिल्ली, गुरुग्राम जैसी बड़ी मंडियों तक जल्दी पहुंचाने से बेहतर दाम मिलेंगे
पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
दुधवा नेशनल पार्क, गोला गोकर्णनाथ और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। खराब कनेक्टिविटी की वजह से जो पर्यटक अब तक नहीं आ पाते थे, उनके लिए रास्ता सुगम होगा।
Report By: संजय कुमार राठौर
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