Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे पावन माघ मेले में इस बार एक युवा हठ योगी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। मंत्रोच्चार, साधना और आध्यात्मिक वातावरण के बीच उनकी कठिन तपस्या हर किसी को चौंका रही है। बिहार के सीतामढ़ी जिले से ताल्लुक रखने वाले 26 वर्षीय साधु शंकरपुरी का दावा है कि वे पिछले सात वर्षों से न तो बैठे हैं और न ही लेटे हैं।
Uttar Pradesh:एक पैर पर खड़े होकर कर रहे हैं साधना
माघ मेले में शंकरपुरी को एक पैर पर स्थिर मुद्रा में खड़े देखा जा सकता है। उनकी यह तपस्या न केवल असाधारण है, बल्कि अद्भुत भी। वे दिन-रात इसी अवस्था में रहते हैं और लोगों के लिए आस्था व संकल्प का प्रतीक बन चुके हैं।
Uttar Pradesh:खड़े-खड़े ही करते हैं नींद और भोजन
जब उनसे पूछा गया कि वे विश्राम कैसे करते हैं, तो उन्होंने बताया कि वे लकड़ी से बने एक सहारे पर सिर टिकाकर खड़े-खड़े ही सोते हैं। भोजन, जल ग्रहण करना, पूजा-पाठ जीवन के सभी दैनिक कार्य वे इसी मुद्रा में संपन्न करते हैं।
नैमिषारण्य से जुड़ा है आध्यात्मिक संबंध
शंकरपुरी के अनुसार, उनका संबंध नैमिषारण्य से है, जिसे 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि माना जाता है। वहीं उनका जन्म हुआ और वहीं उनका आश्रम भी स्थित है। उनका कहना है कि उसी पवित्र भूमि से उन्हें निरंतर खड़े रहकर तपस्या करने की प्रेरणा मिली। वे मात्र छह वर्ष की आयु में ही संन्यास मार्ग पर चल पड़े थे।
Uttar Pradesh: मैं सात साल से लगातार खड़ा हूं
जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वे कभी बैठते या लेटते हैं, तो उन्होंने सहज भाव से उत्तर दिया—मैं सात वर्षों से लगातार खड़ा हूं।” उनके आत्मविश्वास और संकल्प ने सुनने वालों को स्तब्ध कर दिया।
माघ मेला: तप और त्याग की परंपरा का मंच
सदियों से माघ मेला साधु-संतों की कठोर तपस्याओं और अनुशासन का साक्षी रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहाँ ऐसे संतों को देखकर प्रेरणा लेते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।
Uttar Pradesh: 44 दिनों तक चलेगा धार्मिक महोत्सव
3 जनवरी से प्रारंभ हुआ यह 44 दिवसीय माघ मेला 15 फरवरी को समाप्त होगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे और साधु-संतों के दर्शन कर पुण्य अर्जित करेंगे।
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