Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां डेल्टा-1 सेक्टर में लोगों को साफ पानी की जगह दूषित पानी की सप्लाई की जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नलों से आ रहा पानी बदबूदार, पीले रंग का और बेहद गंदा है, जिससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।दूषित पानी पीने के बाद कई घरों में बच्चों और बुजुर्गों को उल्टी, दस्त, बुखार और सिरदर्द जैसी समस्याएं होने लगी हैं। कुछ परिवारों को मजबूरी में अस्पताल तक जाना पड़ा। लोगों का आरोप है कि यह समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
Uttar Pradesh: पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सेक्टर में पानी को लेकर ऐसी शिकायतें सामने आई हों। इससे पहले भी गंदे पानी की वजह से कई लोग बीमार पड़े थे, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।निवासियों के अनुसार, उन्होंने लगातार तीन दिनों तक संबंधित प्राधिकरण और विभागों में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शुरुआत में किसी ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया। इससे लोगों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ गए।
Uttar Pradesh: प्राधिकरण का दावा स्थिति नियंत्रण में
वहीं, प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पीने के पानी की मुख्य लाइन में सीवर का पानी मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ घरों में ही पानी की गुणवत्ता खराब पाई गई थी, जिसे ठीक कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल सभी घरों में पानी की सप्लाई सामान्य है।
लोगों में अब भी चिंता
हालांकि प्राधिकरण के दावों के बावजूद स्थानीय लोगों में डर बना हुआ है। उनका कहना है कि जब तक पानी की नियमित जांच और स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक ऐसी घटनाएं दोबारा होने का खतरा रहेगा जनता की सेहत से जुड़ा यह मामला प्रशासन की सतर्कता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके।
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