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बिजनौर में दलित युवक पर अत्याचार, दबंगों ने सरेआम जूतों से पीटा, जबरन पैर छूने को किया मजबूर

Bijnor News
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Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। धोकलपुर गांव के पास कुछ दबंग युवकों ने एक दलित युवक को केवल इसलिए बेरहमी से पीट दिया क्योंकि वह दवाई लेकर अपने घर लौट रहा था। न सिर्फ उसे रास्ते में रोका गया बल्कि गाली-गलौज करते हुए जूतों और थप्पड़ों से उसकी पिटाई की गई। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है।

पीड़ित को घेरकर बेइज्जती कर रहे लोग 

करीब 1 मिनट 36 सेकंड के वायरल वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि कुछ युवक पीड़ित को घेरकर उसकी बेइज्जती कर रहे हैं। पहले उसे गालियों दी जाती हैं फिर बारी-बारी से चेहरे और सिर पर थप्पड़ और जूते बरसाए जाते हैं। बेबस युवक लगातार हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता है यहां तक कि आरोपियों के पैर भी पकड़ता है लेकिन घटनास्थल पर मौजूद युवकों का दिल नहीं पसीजता। स्थानीय लोगों के मुताबकि, हमलावरों ने पहले युवक की टोपी फेंकी फिर बारी-बारी से उसके सिर और चेहरे पर वार करना शुरू कर दिया। एक युवक ने तो जूता उतारकर उसके सिर पर कई बार प्रहार किए। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि पीड़ित युवक बार-बार अपनी मां की बीमारी का हवाला देकर छोड़ देने की गुहार लगाता है क्योंकि वह दवा लेकर लौट रहा था लेकिन दबंगों ने एक न सुनी।

Bijnor News: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस 

जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक धोकलपुर गांव का निवासी है और अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखता है। वहीं तीनों आरोपी पास के ही एक अन्य गांव के हैं। सूत्र बताते हैं कि दोनों पक्षों के बीच पहले से कुछ पुराना विवाद चल रहा था, जिसकी वजह से यह हमला किया गया। वीडियो सामने आने के बाद शहर कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई। मामले में सीओ सिटी संग्राम सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर पीड़ित युवक कमल ने हिमांशु और उसके दो साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस अमानवीय घटना ने न केवल इलाके में आक्रोश फैलाया है बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ समाज में जातीय विभाजन को गहराती हैं और मानवता को कलंकित करती हैं। प्रशासन पर अब यह जिम्मेदारी है कि वह कानून के तहत सख्त कार्रवाई कर ऐसी सोच रखने वालों को कड़ा संदेश दें ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा दुस्साहस न कर सके।

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