JNU News: दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में नारेबाजी के मामले पर सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि संविधान सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है और कोई भी इससे ऊपर नहीं है।
कानून सबके लिए समान, आश्रम भी दायरे में
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति संविधान की मर्यादा का उल्लंघन करता है, उसे उसके परिणाम भुगतने होंगे, चाहे वह जेएनयू का छात्र हो, किसी आश्रम से जुड़ा व्यक्ति हो या कोई आम नागरिक। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके श्रीआनंदम आश्रम में भी कोई असंवैधानिक गतिविधि होती है, तो उस पर भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
JNU News: अलग हिंदू राष्ट्र की जरूरत नहीं : रितेश्वर महाराज
हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने कहा कि भारत की पहचान सनातन परंपराओं से जुड़ी रही है और यह भूमि स्वभाव से ही सनातन राष्ट्र है। उनके अनुसार, भारत की विशाल आबादी आज भी सनातन मूल्यों, रीति-रिवाजों और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी हुई है, इसलिए अलग से हिंदू राष्ट्र घोषित करने की आवश्यकता नहीं है।
JNU News: ‘राष्ट्र कथा’ से इतिहास और आत्मगौरव का संदेश
उन्होंने ‘राष्ट्र कथा’ आयोजन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से लोगों को भारत के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि कैसे भारत को कभी ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था और किस तरह विदेशी आक्रमणों ने देश को लूटा और लोगों के मन में हीनभावना भरी।
मैकाले नीति पर सवाल
सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने कहा कि आज भी शिक्षा व्यवस्था पर मैकाले की नीति का प्रभाव दिखाई देता है। ऐसे में ‘राष्ट्र कथा’ युवाओं और आम नागरिकों के लिए जरूरी है, ताकि वे अपने देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र गौरव को समझ सकें और पश्चिमी सोच की अंधी नकल से बाहर आ सकें।
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