Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर में खासा उत्साह है। जानकारों का मानना है कि इस बार सरकार घर खरीदारों को टैक्स में राहत दे सकती है और किफायती आवास को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठा सकती है।
टियर-II शहरों की ओर बढ़ रहा निवेशकों का रुझान
न्यूस्टोन के सीईओ रजत बोकोलिया के मुताबिक, बजट 2026 से पहले सोनीपत जैसे टियर-II शहर रियल एस्टेट निवेश के लिए तेजी से पसंदीदा विकल्प बनते जा रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली और मुंबई जैसे टियर-I शहरों की तुलना में यहां प्रॉपर्टी की कीमतें अभी भी किफायती हैं, जिससे निवेशकों और घर खरीदारों दोनों का रुझान बढ़ा है।
Budget 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने बढ़ाया आकर्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, सोनीपत में आरआरटीएस, मेट्रो विस्तार, यूईआर-II और सोनीपत मास्टर प्लान 2031 जैसी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं रियल एस्टेट की मांग को मजबूती दे रही हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के बढ़ते अवसरों से यहां आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की प्रॉपर्टी में रुचि बढ़ी है।
Budget 2026: होम लोन और टैक्स राहत की उम्मीद
रियल एस्टेट सेक्टर को उम्मीद है कि बजट 2026 में किफायती आवास की सीमा बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ाने, जीएसटी या स्टांप ड्यूटी में राहत देने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो सोनीपत जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की मांग और कीमतों में तेजी आ सकती है।
मिडिल क्लास और कंजम्पशन पर रहेगा फोकस
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। जानकारों का मानना है कि इस बार बड़े बदलावों के बजाय छोटे लेकिन असरदार कदम उठाए जा सकते हैं। मिडिल क्लास को राहत देना, टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, कंजम्पशन बढ़ाना और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रह सकता है। बजट से पहले रियल एस्टेट सेक्टर को उम्मीद है कि ये कदम टियर-II शहरों में निवेश को और गति देंगे और आने वाले समय में यहां बेहतर रिटर्न देखने को मिल सकता है।
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