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लाल आतंक से मुक्ति की ओर बस्तर: 4 इनामी माओवादियों का सरेंडर, सीएम साय का ऐलान

Naxal Free Bastar: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक अहम सफलता मिली है। सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके में चार सक्रिय माओवादी कैडरों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।

सीएम विष्णुदेव साय का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटनाक्रम को माओवादी विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि “नक्सल मुक्त बस्तर और सुरक्षित छत्तीसगढ़ हमारा संकल्प है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीतियों से बस्तर में शांति और विश्वास का माहौल बन रहा है।

सुरक्षा और विकास से कमजोर पड़ रहा माओवादी नेटवर्क

किस्टाराम क्षेत्र में इनामी माओवादियों का हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा बलों की सुदृढ़ कैंप व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और समन्वित अभियान से माओवादी प्रभाव लगातार सिमट रहा है।

Naxal Free Bastar: 2026 में बढ़ी आत्मसमर्पण की लहर

अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत से ही बस्तर में माओवादियों के आत्मसमर्पण की घटनाओं में तेजी आई है। राज्य सरकार की पुनर्वास योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक माओवादी मुक्त छत्तीसगढ़ बनाना है।

पुनर्वास और रोजगार पर सरकार का फोकस

नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनःएकीकरण के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया है।

Naxal Free Bastar: 35 युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण

भारतीय स्टेट बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से 35 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में चल रही इस पहल का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार से जोड़ना है। यह प्रशिक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत बढ़ती श्रमिक मांग को भी पूरा करेगा।

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