Stock Market Rally: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेज बढ़त के साथ हुई। सुबह 9:33 बजे तक सेंसेक्स 566 अंक यानी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 83,401 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 183 अंक की मजबूती के साथ 25,754 पर कारोबार करता दिखा। बाजार खुलते ही निवेशकों में उत्साह नजर आया।
वित्तीय शेयरों की अगुवाई, कई दिग्गज कंपनियां चढ़ीं
शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में रही। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक सबसे आगे रहे। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में भी बढ़त दर्ज की गई। केवल निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया सूचकांक गिरावट में रहे।

सेंसेक्स की जिन कंपनियों के शेयर बढ़त में रहे, उनमें अडाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, टाइटन कंपनी, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी लिमिटेड, एशियन पेंट्स, इटरनल लिमिटेड और सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
Stock Market Rally: आईटी शेयर फिसले, स्मॉलकैप में मजबूती
वहीं जिन कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे, उनमें इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एनटीपीसी लिमिटेड और इंडिगो के नाम शामिल हैं। बड़ी कंपनियों के साथ छोटे शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 138 अंक या 0.81 प्रतिशत बढ़कर 17,140 पर पहुंच गया। हालांकि निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक लगभग सपाट रहा।

अमेरिकी फैसले से वैश्विक बाजार में राहत
बाजार में आई तेजी की एक अहम वजह अमेरिका से आई खबर मानी जा रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका का सर्वोच्च न्यायालय ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां कानून के तहत कांग्रेस की मंजूरी के बिना व्यापक टैरिफ लगाए थे, जो संविधान के खिलाफ हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि टैरिफ लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। इसलिए इन टैरिफ को रद्द किया जा रहा है। इस फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बन गया है।
एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। हांगकांग, जकार्ता, बैंकॉक और सोल के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार भी शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। इन अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।






