UP News: लखीमपुर खीरी जनपद मुख्यालय पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। आज साप्ताहिक बंदी होने के बावजूद शहर को भीषण जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। शहर के मुख्य ओवरब्रिज से लेकर एलआरपी (LRP) चौराहे तक करीब एक घंटे से वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिसने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
एंबुलेंस फंसी, तमाशबीन बना प्रशासन
जाम की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस भीषण जाम में न केवल दोपहिया और चौपहिया वाहन फंसे हैं, बल्कि जीवनदायिनी एंबुलेंस भी घंटों से सायरन बजाते हुए निकलने का रास्ता ढूंढ रही है। ई-रिक्शा और रिक्शों की अव्यवस्थित कतारों ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस का इस तरह जाम में फंसना प्रशासन की चौकसी पर एक बड़ा सवालिया निशान है। हैरानी की बात यह है कि जहाँ एक ओर लोग भीषण गर्मी और उमस के बीच जाम में जूझ रहे हैं, वहीं मौके पर व्यवस्था संभालने के लिए एक भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। साप्ताहिक बंदी के दिन जब ट्रैफिक का दबाव अपेक्षाकृत कम होना चाहिए, तब ऐसी स्थिति उत्पन्न होना विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। सड़क पर यातायात को सुचारू करने वाला कोई नहीं था, जिससे वाहन चालक खुद ही रास्ता बनाने की जद्दोजहद में उलझे रहे।
UP News: दावों की खुली पोल
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को लेकर जिले के आला अधिकारियों द्वारा समय-समय पर बड़े-बड़े दावे और बैठकें की जाती हैं। कभी ई-रिक्शा के रूट तय करने की बात होती है तो कभी अतिक्रमण हटाने की, लेकिन आज के इस जाम ने उन तमाम कागजी दावों की पोल खोलकर रख दी है। जमीनी स्तर पर स्थिति ढाक के तीन पात वाली ही बनी हुई है। घंटों जाम में फंसे रहने के कारण स्थानीय नागरिकों और राहगीरों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि साप्ताहिक बंदी के दिन यह हाल है, तो कार्यदिवसों में स्थिति क्या होगी? स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर की रिपोर्ट के अनुसार, यदि समय रहते ट्रैफिक प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में शहर की यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेगी।
Report BY: संजय कुमार






