Odisha news: ओडिशा हाईकोर्ट ने मानवीय आधार पर एक अहम फैसला सुनाते हुए उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी को अंतरिम जमानत दे दी। वजह यह थी कि उसकी 16 साल की नाबालिग बेटी हाईस्कूल की परीक्षा दे रही है और उसे परीक्षा केंद्र तक लाने-ले जाने वाला कोई और नहीं है।
बेटी की परीक्षा के लिए मांगी थी अस्थायी रिहाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला साल 2010 के एक मर्डर केस से जुड़ा है। दोषी इस समय जगतसिंहपुर जेल में सजा काट रहा है। उसने हाईकोर्ट में आवेदन देकर बताया कि उसकी बेटी 19 फरवरी से 2 मार्च तक परीक्षा दे रही है और उसे सुरक्षित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी है।
Odisha news: बुजुर्ग दादा-दादी के साथ रहती है बेटी
कैदी की बेटी अपने पैतृक गांव में बुजुर्ग दादा-दादी के साथ रहती है। उनकी उम्र ज्यादा होने के कारण वे रोजाना करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित परीक्षा केंद्र तक उसे नहीं ले जा सकते। इसी आधार पर पिता ने अंतरिम जमानत की गुहार लगाई थी।
Odisha news: पुलिस रिपोर्ट में दावे की पुष्टि
हाईकोर्ट के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने जांच कर रिपोर्ट पेश की। जांच में पाया गया कि परीक्षा केंद्र गांव से लगभग 5 किलोमीटर दूर है और छात्रा का एडमिट कार्ड भी सही है। पुलिस ने यह भी बताया कि मौजूदा मामले के अलावा दोषी के खिलाफ कोई अन्य आपराधिक इतिहास दर्ज नहीं है।
10 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत
Odisha news: रिपोर्ट पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हालात को देखते हुए अंतरिम जमानत मंजूर कर ली। अदालत ने निर्देश दिया कि दोषी को रिहाई की तारीख से 10 मार्च तक अंतरिम बेल पर छोड़ा जाए, ताकि वह अपनी बेटी की परीक्षा में मदद कर सके। यह फैसला अदालत के मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहां सजा काट रहे व्यक्ति को भी पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया गया।
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