ख़बर का असर

Home » बिहार » आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया ,खाली डिब्बों में दौड़ रही पटना मेट्रो की कमाई फुस्स!

आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया ,खाली डिब्बों में दौड़ रही पटना मेट्रो की कमाई फुस्स!

आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया ,खाली डिब्बों में दौड़ रही पटना मेट्रो की कमाई फुस्स!

Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 6 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने बड़े उत्साह के साथ पटना मेट्रो सेवा की शुरुआत की थी। उम्मीद थी कि राजधानी की ट्रैफिक समस्या कम होगी और हजारों यात्री रोज इसका लाभ उठाएंगे।लेकिन साढ़े चार महीने बाद सामने आई जमीनी हकीकत हैरान करने वाली है। सुबह के व्यस्त समय में भी ट्रेन की तीन बोगियों में से दो लगभग खाली दिखीं। एक फेरे में महज चार यात्री और वापसी में कुल नौ लोग ही सवार मिले। ऑफिस टाइम के दो चक्करों में कुल 13 यात्रियों का सफर ये आंकड़े कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

रोजाना सिर्फ 156 यात्री, आमदनी हजारों में… खर्च लाखों में

पटना मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित हो रही है। भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक का किराया 15 रुपये तय है। प्रतिदिन 24 फेरे 12 अप और 12 डाउन लगाए जा रहे हैं।औसतन एक दिन में लगभग 156 यात्री सफर कर रहे हैं। टिकट बिक्री से दैनिक आय करीब 4 से 5 हजार रुपये आंकी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, संचालन, रखरखाव और कर्मचारियों के वेतन समेत कुल खर्च 18 लाख रुपये प्रतिदिन से अधिक बताया जा रहा है। यानी आमदनी और खर्च के बीच भारी अंतर साफ दिखाई दे रहा है।

Bihar News: शुरुआत में हजारों की भीड़, अब प्रति फेरे 4-12 यात्री

मेट्रो सेवा शुरू होने के शुरुआती दिनों में रोज 8 से 9 हजार यात्रियों ने सफर किया था। लेकिन समय के साथ यह संख्या तेजी से घटती गई।अब हालात यह हैं कि एक फेरे में केवल 4 से 12 यात्री ही मिल रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि फिलहाल मेट्रो केवल तीन स्टेशनों तक सीमित है, इसलिए ज्यादा लोग इसका उपयोग नहीं कर पा रहे।विस्तार से बदल सकती है तस्वीर
फिलहाल संचालन की जिम्मेदारी Delhi Metro Rail Corporation के पास है, जिसे 32 महीने के ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए 179.37 करोड़ रुपये दिए जाने हैं।अगले चरण में भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक 2.75 किलोमीटर का विस्तार प्रस्तावित है। सुरक्षा निरीक्षण के बाद उद्घाटन की तारीख तय होगी।पूरे शहर में 31.9 किलोमीटर लंबे नेटवर्क पर करीब 13,365 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब मेट्रो पटना जंक्शन और अन्य प्रमुख इलाकों तक पहुंचेगी, तब यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

Bihar News: सवाल बरकरार: क्या इंतजार ही समाधान है?

पटना मेट्रो को भविष्य की परिवहन व्यवस्था माना जा रहा है, लेकिन मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण हैं। कम यात्रियों की संख्या और भारी दैनिक खर्च प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।
अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नेटवर्क विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी से क्या मेट्रो की रफ्तार और सवारी दोनों बढ़ पाएंगी या नहीं।

ये भी पढ़े: आख़िर क्यों राज्यों में बढ़ रहा है HIV/AIDS का ख़तरा, कैसे करे बचाव

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल