JNU Bail Case: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जेएनयू में हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार सभी 14 छात्रों को शुक्रवार को जमानत दे दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ये छात्र पेशेवर या आदतन अपराधी नहीं हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जा सकती है।
पुलिस ने जमानत का किया विरोध
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध किया। पुलिस ने अदालत से मांग की कि आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए ताकि जांच आगे बढ़ाई जा सके। पुलिस का कहना था कि अगर आरोपियों को छोड़ा गया तो उनके दोबारा हिंसा करने की संभावना है। पुलिस ने यह भी कहा कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं था, बल्कि इसमें हिंसा हुई थी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी घायल भी हुए।

JNU Bail Case: चार एफआईआर, छात्रा का गंभीर आरोप
पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी पहले भी कई बार प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग कर चुके हैं। इस संबंध में उनके खिलाफ पहले से चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। इसलिए पुलिस का मानना था कि उन्हें हिरासत में रखना जरूरी है।
सुनवाई के दौरान एक छात्रा ने गंभीर आरोप लगाया। उसने कहा कि 4-5 लोग, जो वर्दी में नहीं थे, उसे भीड़ से जबरदस्ती खींचकर ले गए। इस दौरान उसके हाथ में चोट आई और खून के थक्के जम गए।
वहीं, आरोपियों के वकील ने अदालत में कहा कि सभी छात्र जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर छात्र अदालत को लिखित में भरोसा देने को तैयार हैं कि वे जांच में साथ देंगे।
गंभीर टिप्पणी के साथ जमानत मंजूर
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस अधिकारियों पर हमला करना गंभीर मामला है और इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कहकर सही नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही अदालत ने यह भी बताया कि जिन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, उनमें अधिकतम सजा पांच साल तक हो सकती है।
इन सभी बातों पर विचार करने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया कि चूंकि आरोपी पेशेवर या आदतन अपराधी नहीं हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जा सकती है। कोर्ट ने सभी 14 छात्रों को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।
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