Rising India Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘राइजिंग भारत समिट–2026’ में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस देश की जनता अब कांग्रेस को अपने वोट के योग्य नहीं समझती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का मतलब सिर्फ अंधा विरोध नहीं, बल्कि वैकल्पिक दृष्टिकोण देना होता है, जिसमें कांग्रेस पूरी तरह विफल रही है।
गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलता भारत
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश का सामर्थ्य अचानक नहीं बनता, बल्कि पीढ़ियों के परिश्रम, ज्ञान, परंपरा और अनुभव से विकसित होता है। लेकिन सदियों की गुलामी ने भारत के आत्मविश्वास को तोड़ दिया था। आजादी के बाद भी लंबे समय तक देश उस मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाया, जिसका असर नीतियों और सोच में दिखा।
Rising India Summit 2026: भारत से दुनिया को उम्मीद
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब विकसित देश भारत से ट्रेड डील करना चाहते हैं, तो कुछ लोगों को हैरानी हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर भारत 2014 से पहले की तरह निराशा, पॉलिसी पैरालिसिस और ‘फ्रेजाइल फाइव’ की स्थिति में होता, तो क्या कोई देश हमसे साझेदारी करता? उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत के आत्मविश्वास में बड़ा बदलाव आया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की छलांग
पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस भारत में 2014 तक करोड़ों परिवारों के घरों में बिजली नहीं थी, वही भारत आज सोलर पावर में दुनिया के अग्रणी देशों में है। उन्होंने मेट्रो नेटवर्क, रेलवे में वंदे भारत और नमो भारत ट्रेनों, और आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भारत की बदली हुई तस्वीर बताया।
Rising India Summit 2026: एआई युग में भारत की निर्णायक भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर औद्योगिक क्रांति में भारत अब तक अनुयायी रहा, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में भारत न केवल भागीदार है, बल्कि दिशा भी तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश का एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से उभर रहा है और एआई समिट भारत के लिए गर्व का क्षण था।
कांग्रेस पर वैचारिक दिवालियापन का आरोप
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि दुर्भाग्य से देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस पार्टी ने एआई समिट जैसे राष्ट्रीय गर्व के अवसर को बदनाम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विदेशी मेहमानों के सामने कांग्रेस ने न केवल अनुशासनहीनता दिखाई, बल्कि अपने वैचारिक दिवालियापन को भी उजागर कर दिया।
Rising India Summit 2026: लगातार गिरता कांग्रेस का जनाधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1984 में कांग्रेस को 39 प्रतिशत वोट और 400 से अधिक सीटें मिली थीं, लेकिन उसके बाद हर चुनाव में पार्टी का जनाधार घटता गया। आज स्थिति यह है कि देश में सिर्फ चार राज्य ऐसे बचे हैं, जहां कांग्रेस के 50 से अधिक विधायक हैं। युवा मतदाताओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन कांग्रेस लगातार सिमटती गई।
आयुष्मान भारत पर भी सवाल
पीएम मोदी ने कहा कि अगर कांग्रेस की नीयत साफ होती, तो पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में आयुष्मान भारत योजना को लागू होने से नहीं रोका जाता। गरीबों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज देने वाली योजना को राजनीति की भेंट चढ़ा दिया गया।
Rising India Summit 2026: जनता का फैसला साफ
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को वोटों से वंचित नहीं किया जा रहा, बल्कि देश की जनता खुद तय कर चुकी है कि कांग्रेस अब उनके वोट के योग्य नहीं रही। यह फैसला गुस्से में नहीं, बल्कि अनुभव और समझ से लिया गया है।
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