Kejriwal-Sisodia acquitted: दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने पर केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर फैसला गलत होता है, तो उसे ठीक करने के लिए न्यायिक व्यवस्था में ऊपरी अदालतों का प्रावधान होता है।
न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा
शनिवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि निचली अदालत के किसी फैसले में यदि तथ्यात्मक या कानूनी त्रुटि रह जाती है, तो उसके सुधार के लिए ऊपरी अदालतें होती हैं। उन्होंने कहा, “अगर फैसला गलत दिया गया है या तथ्यों की सही तरह से जांच नहीं हुई है, तो ऊपरी अदालत में अपील की जा सकती है और वहीं से अंतिम व सही निर्णय लिया जाता है।”
Kejriwal-Sisodia acquitted: एआई समिट में प्रदर्शन पर टिप्पणी
इस दौरान किरेन रिजिजू ने एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर यह बताया गया है कि इसके पीछे किसी तरह का षड्यंत्र हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वे गृह मंत्रालय का दायित्व नहीं संभाल रहे हैं, इसलिए उन्हें इस प्रकरण की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जो भी मामला है, उसका समाधान किया जाना चाहिए।
हिमाचल दौरे का उद्देश्य
अपने हिमाचल प्रदेश दौरे को लेकर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहाड़ी राज्य उन्हें बेहद पसंद है और वे यहां अक्सर आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि चंबा क्षेत्र में उनके मंत्रालय से जुड़े कुछ विकास परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी प्रगति की समीक्षा के लिए वे यहां पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने लाहौल-स्पीति का भी दौरा किया था, जहां केंद्र सरकार की कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
Kejriwal-Sisodia acquitted: राजनीतिक बयान पर नजर
किरेन रिजिजू का यह बयान ऐसे समय आया है, जब केजरीवाल और सिसोदिया को बरी किए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज है। उनके बयान को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसे और आगे की कानूनी संभावनाओं के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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