Lathmar Holi 2026: ब्रज की प्रसिद्ध लट्ठमार होली इस बार सिर्फ रंग और परंपरा ही नहीं, बल्कि संतों की मस्ती और हंसी-ठिठोली की वजह से भी चर्चा में आ गई। कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय और अनिरुद्धाचार्य का साथ में होली खेलते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों संतों की अनोखी अंदाज वाली होली लोगों को खूब पसंद आ रही है।
ब्रज में संतों की अनोखी लट्ठमार होली
25 और 26 फरवरी 2026 को नंदगांव और बरसाना में पारंपरिक लट्ठमार होली बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु ब्रज पहुंचे। आम लोगों के साथ संत समाज ने भी रंग, फूल और लाठियों के साथ होली का आनंद लिया।
इसी दौरान इंद्रेश उपाध्याय और अनिरुद्धाचार्य ने मंच पर लट्ठमार होली खेली, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
Lathmar Holi 2026: जब इंद्रेश उपाध्याय ने की मजेदार शरारत
वीडियो में दिखाई देता है कि जैसे ही इंद्रेश उपाध्याय की लट्ठमार की बारी आती है, वह अनिरुद्धाचार्य की ढाल पर लाठी मारते हैं। लेकिन माहौल तब और हल्का हो जाता है जब वह हंसी-मजाक में हल्के अंदाज से पेट की तरफ भी लाठी टिका देते हैं।इस पल को देखकर वहां मौजूद लोग ठहाके लगाने लगते हैं और पूरा भवन हंसी से गूंज उठता है। दोनों संत भी मुस्कुराते हुए इस परंपरा का आनंद लेते नजर आते हैं।
Lathmar Holi 2026: असली होली तो गौशाला में होगी दिया खास निमंत्रण
होली की मस्ती यहीं नहीं रुकी। इंद्रेश उपाध्याय ने मजाकिया अंदाज में अनिरुद्धाचार्य को लालजी की गौशाला आने का न्यौता देते हुए कहा कि यहां तो सिर्फ ट्रेलर दिखाया गया है।
उन्होंने हंसते हुए कहा कि असली होली वहां खेली जाएगी, जहां गोबर और गौमूत्र से होली मनाई जाती है। यह सुनते ही पूरा माहौल फिर ठहाकों से भर गया।
ब्रज की होली क्यों है दुनिया भर में प्रसिद्ध
ब्रज क्षेत्र की होली अपनी अनोखी परंपराओं के लिए जानी जाती है। कहीं लड्डूमार होली खेली जाती है तो कहीं लट्ठमार होली का अनोखा दृश्य देखने को मिलता है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाने वाली लट्ठमार होली को देखने हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं।इस वर्ष ब्रज में होलिका दहन 2 मार्च 2026 को किया जाएगा। वहीं 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण धुलेंडी रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।
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