Ajit Pawar: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने ₹25,000 करोड़ के महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (एमएससीबी) घोटाले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ईकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। इस फैसले के साथ ही दिवंगत नेता अजित पवार और उनके परिवार के कुछ सदस्यों को क्लीन चिट मिल गई है।
अजित पवार और उनके परिवार को मिली क्लीन चिट
ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, अजित पवार, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके भतीजे रोहित पवार पर कोई आपराधिक आरोप नहीं बनते। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन पर किसी भी प्रकार के मुकदमे का आधार नहीं है, जिससे तीनों को कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई है।
Ajit Pawar: बैंक में हुई अनियमितताओं पर कोई कानूनी कार्रवाई जरूरी नहीं
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हालांकि बैंक और उसकी सहायक कंपनियों में अनियमितताएं पाई गईं, लेकिन इसके लिए कोई कानूनी कार्रवाई जरूरी नहीं है। 1 जनवरी 2007 से 31 दिसंबर 2017 तक राज्य को करीब ₹25,000 करोड़ का नुकसान हुआ था, लेकिन रिपोर्ट में इसे आपराधिक मामला नहीं माना गया।
क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ पिटीशन खारिज
अन्ना हजारे और अन्य एक्टिविस्ट्स द्वारा क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी गई थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी पिटीशन खारिज कर दी। इससे इस मामले में पवार परिवार के खिलाफ कानूनी कार्यवाही का रास्ता बंद हो गया। अजित पवार, जो महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री थे, 28 जनवरी 2026 को एक दर्दनाक विमान दुर्घटना में निधन हो गए थे।






