Israel Iran Conflict: ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य हमलों ने मिडिल ईस्ट में हालात को गंभीर बना दिया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत में भी चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वे विदेश मंत्रालय (MEA) के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है और उन्हें सैन्य ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। थरूर ने अबू धाबी पर हुए मिसाइल हमले का जिक्र करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
लोकसभा सांसद केसी वेनुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से अपील की कि मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि जो नागरिक भारत लौटना चाहते हैं, उनके सुरक्षित निकास की व्यवस्था की जानी चाहिए।
Israel Iran Conflict: कश्मीर के मीरवाइज की प्रतिक्रिया
कश्मीर के 14वें मीरवाइज उमर फारूक ने इजरायल के हमले की निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य कार्रवाई दुनिया की शांति के लिए खतरा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की मांग की और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई।
Israel Iran Conflict: ऑस्ट्रेलिया ने भी जताई चिंता
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने भी क्षेत्रीय हालात पर चिंता जताई है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। साथ ही, ऑस्ट्रेलिया ने अपने देश में कथित हमलों के बाद ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जानकारी दी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच वैश्विक समुदाय की नजरें अब हालात की अगली दिशा पर टिकी हैं। भारत सरकार की ओर से भी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी किए जाने की संभावना है।
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