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ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मुज्तबा ने संभाली कमान

New Supreme Leader Of Iran: ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मुज्तबा ने संभाली कमान

New Supreme Leader Of Iran: ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है. इस फैसले के साथ ही ईरान की सत्ता और रणनीति में एक नया दौर शुरू हो गया है. नए सुप्रीम लीडर के रूप में पद संभालते ही मुज्तबा खामेनेई ने सख्त रुख अपनाते हुए इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमले के आदेश दिए, जिससे मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

कैसे हुआ मुज्तबा खामेनेई का चयन

ईरान में सर्वोच्च नेता का चयन असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नाम की संस्था करती है. यह धार्मिक और राजनीतिक नेताओं की एक अहम परिषद होती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अली खामेनेई की मौत के बाद परिषद ने आपात बैठक बुलाकर मुज्तबा खामेनेई के नाम पर मुहर लगा दी. निर्णायक वोट के बाद उन्हें देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान क्षेत्रीय तनाव और सैन्य टकराव के दौर से गुजर रहा है.

New Supreme Leader Of Iran:  पद संभालते ही दिखाए कड़े तेवर

नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद मुज्तबा खामेनेई ने तुरंत सख्त रुख अपनाया. बताया जा रहा है कि उनके नेतृत्व में इजरायल की ओर मिसाइल हमले किए गए.ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार यह कार्रवाई नए नेतृत्व की पहली बड़ी सैन्य प्रतिक्रिया मानी जा रही है, जिसने दुनिया को संकेत दे दिया है कि ईरान अपनी रणनीति में आक्रामक रुख अपना सकता है.

New Supreme Leader Of Iran: कौन हैं मुज्तबा खामेनेई

1969 में जन्मे मुज्तबा खामेनेई, अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं. लंबे समय तक उन्होंने खुद को सार्वजनिक राजनीति से दूर रखा, लेकिन माना जाता है कि पर्दे के पीछे से उन्होंने ईरान की सुरक्षा और राजनीतिक तंत्र में मजबूत प्रभाव बनाया.उन्हें एक प्रभावशाली शिया धर्मगुरु के रूप में भी जाना जाता है और देश की सत्ता संरचना में उनका प्रभाव पहले से ही मजबूत माना जाता रहा है.56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई के सामने अब कई बड़ी चुनौतियां हैं. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक राजनीति के बीच उन्हें देश को संभालना होगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि उनका नेतृत्व आने वाले समय में ईरान की दिशा तय करेगा—चाहे वह सुधार और स्थिरता का रास्ता हो या फिर क्षेत्रीय टकराव का नया दौर.

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