Uttam Nagar: गाजियाबाद के डासना स्थित शिवशक्ति धाम के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें निहत्था नहीं रहना चाहिए और हर परिस्थिति में आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है।
वीडियो संदेश किया जारी
वीडियो संदेश में नरसिंहानंद गिरी ने हाल ही में हुई कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गाजियाबाद में सलीम वास्तिक पर हमला हुआ था, जबकि दिल्ली में खटीक समाज के युवक तरुण खटीक की हत्या कर दी गई। उन्होंने इन दोनों घटनाओं को एक ही विचारधारा से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से समाज को सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि सलीम वास्तिक हमले के बावजूद जीवित हैं क्योंकि उन्होंने हमलावरों का मुकाबला किया, जबकि तरुण खटीक इस हमले में अपनी जान गंवा बैठे। नरसिंहानंद गिरी के अनुसार दोनों घटनाओं के पीछे सामाजिक और धार्मिक मानसिकता का अंतर भी एक कारण हो सकता है।
महामंडलेश्वर ने अपने बयान में कहा कि यदि समाज को सुरक्षित रहना है तो लोगों को हर समय सतर्क रहना होगा और किसी भी परिस्थिति में खुद को असहाय नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी किसी व्यक्ति पर हमला होता है तो उसे घबराकर भागने के बजाय अपनी रक्षा के लिए डटकर खड़ा होना चाहिए।
Uttam Nagar: हिंदुओं से की अपील
उन्होंने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि लोगों को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए और कठिन परिस्थितियों में साहस के साथ मुकाबला करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति डरकर पीछे हटता है तो हमलावरों को बढ़ावा मिलता है, जबकि साहस के साथ सामना करने से स्थिति बदल सकती है।
हालांकि उनके इस बयान को लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने इसे भड़काऊ और विवादास्पद बताते हुए इसकी आलोचना की है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं। फिलहाल इस वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और इस पर अलग–अलग वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







