Bengal News: पश्चिम बंगाल सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित सप्लाई बाधाओं को देखते हुए राज्य में एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य एलपीजी की सप्लाई पर समन्वित निगरानी रखना, वितरण व्यवस्था को स्थिर बनाए रखना और आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना है।
राज्य सचिवालय में बनेगा एलपीजी कंट्रोल रूम
राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्य सचिवालय नबन्ना में एक स्टेट एलपीजी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम पूरे राज्य में एलपीजी की उपलब्धता, स्टॉक और सिलेंडरों की आवाजाही पर नजर रखेगा। साथ ही जिलों, गैस वितरकों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगा। आम नागरिकों की शिकायतों के लिए यहां 24 घंटे संचालित होने वाले दो हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध रहेंगे।
Bengal News: राज्य स्तर की समिति करेगी नियमित समीक्षा
एलपीजी सप्लाई की निगरानी के लिए मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति भी गठित की गई है। यह समिति नियमित रूप से सप्लाई की स्थिति की समीक्षा करेगी और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक नीतिगत दिशा-निर्देश देगी।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए पुलिस सतर्क
इस बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण संभावित सप्लाई बाधा की आशंका को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। शहर के सभी थानों को एलपीजी सिलेंडरों की आवाजाही और वितरण पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ब्लैक मार्केटिंग को रोका जा सके। साथ ही किसी भी संभावित कमी से निपटने के लिए पुलिस बैरकों में इंडक्शन कुकर और माइक्रोवेव जैसे वैकल्पिक साधनों के उपयोग की तैयारी भी की गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी गैस सप्लाई की स्थिति की समीक्षा के लिए एलपीजी डीलरों के साथ आपात बैठक की और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए हैं।







