LPG Gass Booking Rules: वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुई बाधाओं को देखते हुए सरकार ने रसोई गैस के वितरण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य बाजार में गैस की किल्लत को रोकना और सिलेंडरों की कालाबाजारी या अनावश्यक जमाखोरी पर लगाम लगाना है। नए नियमों के प्रभावी होने के बाद अब उपभोक्ताओं को दोबारा रिफिल बुक करने के लिए पहले की तुलना में अधिक इंतजार करना होगा।
LPG Gass Booking Rules: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए नई समय सीमा
सरकार द्वारा तय किए गए नए मानकों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग का अंतराल अब 25 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि गांव के उपभोक्ता अपना पहला सिलेंडर प्राप्त करने के कम से कम 45 दिन बाद ही दूसरी बुकिंग करा सकेंगे। वहीं, शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए भी इस अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से पैनिक बुकिंग पर रोक लगेगी।
LPG Gass Booking Rules: अंतरराष्ट्रीय तनाव का घरेलू आपूर्ति पर असर
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, इसलिए समुद्री मार्गों में आई इस रुकावट का सीधा असर घरेलू स्टॉक पर पड़ा है। हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि 45 दिन वाली यह पाबंदी केवल अस्थायी है और स्थिति सामान्य होते ही इसमें ढील दी जाएगी।
कमर्शियल सेक्टर को राहत और वैकल्पिक ईंधनों का सहारा
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक इकाइयों का काम न रुके, इसके लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे होटलों और छोटे उद्योगों के लिए 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके अलावा, सरकार ने राज्यों के लिए केरोसिन का कोटा भी बढ़ा दिया है। पर्यावरण नियमों में एक महीने की विशेष छूट देते हुए ढाबों और होटलों को कोयले व केरोसिन के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है, ताकि रसोई गैस पर निर्भरता को कुछ समय के लिए कम किया जा सके।
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