Jamaat-ul-Wida high alert: रमजान के आखिरी शुक्रवार जमात-उल-विदा (अलविदा जुम्मा) के मद्देनजर देश के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।दिल्ली, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में प्रशासन ने मस्जिदों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
जामा मस्जिद इलाके में कड़ी सुरक्षा
राष्ट्रीय राजधानी में ऐतिहासिक जामा मस्जिद के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के नमाज के लिए पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। पूरे इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
Jamaat-ul-Wida high alert: श्रीनगर समेत संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ी
Srinagar सहित जम्मू-कश्मीर के कई संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था केवल एहतियात के तौर पर की गई है ताकि नमाज और अन्य धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।
शोपियां के बाजारों में दिखी ईद की रौनक
इस बीच शोपियां जिले में अलविदा जुम्मा और आने वाली ईद की तैयारियों के चलते बाजारों में भारी भीड़ देखी गई। लोग अपने परिवार के लिए कपड़े, मिठाइयां और अन्य जरूरी सामान खरीदते नजर आए। रमजान के अंतिम दिनों में बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
Jamaat-ul-Wida high alert: अमरोहा में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
अमरोहा में भी प्रशासन ने जिले को हाई अलर्ट पर रखा है। प्रमुख मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी निगरानी की जा रही है। अमरोहा के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने लोगों से अपील की है कि वे इस धार्मिक अवसर पर शांति और भाईचारा बनाए रखें। उन्होंने खासतौर पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच लोगों से संयम बरतने को कहा है।
धार्मिक नेताओं ने भी शांति की अपील की
लखनऊ के शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि जमात-उल-विदा का दिन इबादत और आध्यात्मिक चिंतन का दिन है। उन्होंने लोगों से मस्जिदों में जाकर शांति और अनुशासन के साथ नमाज अदा करने की अपील की।
Jamaat-ul-Wida high alert: अलविदा जुम्मा की तारीख को लेकर भ्रम
वर्ष 2026 में अलविदा जुम्मा की तारीख को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ समुदाय इसे 13 मार्च को मान रहे हैं, जबकि अन्य के अनुसार यह 20 मार्च को पड़ सकता है। इस्लामी विद्वानों का कहना है कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि रमजान का महीना 29 दिन का होता है या 30 दिन का।
रमजान का आखिरी शुक्रवार विशेष महत्व का
इस्लाम में रमजान का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। रोजा, नमाज और इबादत के साथ बिताए इस महीने का आखिरी शुक्रवार यानी जमात-उल-विदा श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक क्षण होता है। इस दिन देशभर की मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर नमाज अदा करते हैं और रमजान की बरकतों के लिए अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं।
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