UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में बेंचों का नया रोस्टर जारी किया है, जिसके तहत जस्टिस अतुल श्रीधरन की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। अब वे आपराधिक (क्राइम) मामलों की जगह सिविल मामलों की सुनवाई करेंगे।
अब किन मामलों की करेंगे सुनवाई
नए रोस्टर के अनुसार, जस्टिस अतुल श्रीधरन अब पारिवारिक विवादों और वरिष्ठ नागरिक अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे। इससे पहले वे आपराधिक मामलों की सुनवाई कर रहे थे।
UP News: नमाज मामले के बाद चर्चा तेज
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब जस्टिस श्रीधरन बरेली के एक नमाज विवाद मामले को लेकर सुर्खियों में आए थे। मामला बरेली जिले के एक गांव में निजी घर में सामूहिक नमाज पढ़ने से जुड़ा था, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
अधिकारियों को किया था तलब
सुनवाई के दौरान जस्टिस श्रीधरन ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए थे और बरेली के डीएम अविनाश सिंह व एसएसपी अनुराग आर्य को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। साथ ही घटना को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। इस आदेश के बाद यह मामला काफी चर्चा में रहा और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठे।
UP News: अब नहीं सुनेंगे वही मामला
रोस्टर बदलने के बाद अब जस्टिस अतुल श्रीधरन इस मामले की आगे सुनवाई नहीं कर पाएंगे। इससे पहले 25 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई प्रस्तावित थी, जिस पर सभी की नजरें टिकी थीं। गौरतलब है कि जस्टिस श्रीधरन मूल रूप से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जुड़े रहे हैं और अक्टूबर 2025 में उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट में किया गया था।
कयासों का दौर
रोस्टर में इस बदलाव के बाद न्यायिक और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, अदालत की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि जस्टिस श्रीधरन की जिम्मेदारियां बदल गई हैं और अब वे सिविल मामलों पर फोकस करेंगे। वहीं, बरेली नमाज विवाद मामले की सुनवाई अब किसी अन्य बेंच द्वारा की जाएगी।
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