Kala Ashtami: हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काला अष्टमी और मासिक कृष्ण अष्टमी कहा जाता है। ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी इस बार रविवार के दिन पड़ रही है। यह दिन काल भैरव और भगवान श्रीकृष्ण दोनों की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। भक्त हर महीने आने वाली अष्टमी पर भगवान की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और रक्षा की कामना करते हैं।
अष्टमी तिथि और नक्षत्र का समय
इस बार ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी रविवार को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी। हालांकि उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन अष्टमी तिथि का ही प्रभाव माना जाएगा। नक्षत्र की बात करें तो धनिष्ठा नक्षत्र देर रात 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा और उसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू होगा।

Kala Ashtami: सूर्योदय, सूर्यास्त और योग का संयोग
रविवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 34 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 2 मिनट पर रहेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार ब्रह्म योग 10 मई को पूरे दिन रहेगा और 11 मई की रात 2 बजकर 9 मिनट तक प्रभावी रहेगा। कौलव करण दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा, इसके बाद तैतिल करण शुरू हो जाएगा।
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल, यमगंड और दुर्मुहूर्त जैसे समय को अशुभ माना गया है। इस दौरान नए और महत्वपूर्ण कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं शुभ मुहूर्त में कार्य शुरू करना लाभकारी माना जाता है।
रविवार के शुभ मुहूर्त
अगर रविवार के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 9 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। प्रातः संध्या का समय सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए अच्छा समय माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजे से 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल और निशिता मुहूर्त
सायाह्न संध्या का समय शाम 7 बजकर 2 मिनट से रात 8 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। अमृत काल दोपहर 1 बजकर 49 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जो शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। इसके अलावा निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से अगले दिन 11 मई को दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
राहुकाल और अन्य अशुभ समय
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल शाम 5 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। यमगंड काल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 40 मिनट से 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। वहीं दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक रहेगा।
आडल योग, विडाल योग और पंचक
इसके अलावा आडल योग सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 11 मई की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। विडाल योग 11 मई को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शाम 5 बजकर 33 मिनट तक प्रभावी रहेगा। पंचक का समय दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से शुरू होकर 11 मई की सुबह 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
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