Straight of Hormuz Opens: ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को आंशिक रूप से खोलते हुए भारत समेत अपने पांच मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा बाजार में थोड़ी स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
किन देशों को मिली अनुमति
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी गई है।
मुंबई स्थित ईरानी महावाणिज्य दूतावास ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि “मित्र देशों” के जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जा रहा है।
Straight of Hormuz Opens: UN की अपील के बाद फैसला
यह निर्णय एंटोनियो गुटेरेस की अपील के बाद लिया गया। उन्होंने चेतावनी दी थी कि होर्मुज के लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरकों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे पूरी दुनिया पर असर पड़ रहा है।
किन देशों पर अब भी रोक
ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका, इजरायल और युद्ध में शामिल उनके सहयोगी देशों के जहाजों को अभी भी इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान ने कहा कि यह क्षेत्र फिलहाल “युद्ध क्षेत्र” माना जा रहा है और दुश्मन देशों के जहाजों को अनुमति देने का कोई सवाल नहीं है।
Straight of Hormuz Opens: भारत के लिए बड़ी राहत
यह फैसला भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। होर्मुज के आंशिक खुलने से तेल, गैस और उर्वरक की सप्लाई पर दबाव कम होगा और घरेलू बाजार में कीमतों पर असर सीमित रह सकता है।
वैश्विक असर और आगे की स्थिति
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का करीब 20% तेल निर्यात होता है। ऐसे में इसका आंशिक खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, मौजूदा युद्ध और तनाव के चलते स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।
ईरान का यह कदम जहां एक ओर कूटनीतिक संकेत देता है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच राहत की उम्मीद भी जगाता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह आंशिक राहत स्थायी समाधान में बदल पाती है या नहीं।
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