UP Crime: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से कथित तौर पर अपहृत नीट अभ्यर्थी निशा अहिरवार का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर छात्रा की सकुशल बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र भेजा गया था। मामले को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पीड़िता और उसका परिवार पहले से ही धमकियों और उत्पीड़न का सामना कर रहा था, लेकिन पुलिस ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए।
छात्रा की सुरक्षा को लेकर जताई गंभीर चिंता
अजय राय ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि 30 अप्रैल को महोबा से मध्य प्रदेश निवासी 25 वर्षीय नीट अभ्यर्थी निशा अहिरवार का कथित अपहरण बेहद गंभीर घटना है। उन्होंने कहा कि छात्रा पहले से ही नामजद आरोपियों की धमकियों से परेशान थी और परिवार लगातार पुलिस को इसकी जानकारी देता रहा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण यह गंभीर स्थिति पैदा हुई। उन्होंने कहा कि यह घटना महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों पर सवाल खड़े करती है।
UP Crime: कानून-व्यवस्था पर विपक्ष का हमला
अजय राय ने अपने पत्र में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में उत्तर प्रदेश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने और प्रभावी कार्रवाई करने में भी लापरवाही बरतती है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक छात्रा के अपहरण का नहीं, बल्कि प्रदेश में महिला सुरक्षा और प्रशासनिक संवेदनशीलता का भी सवाल है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की कि छात्रा की जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की जाए। साथ ही नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्यायिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसके अलावा स्थानीय पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर लापरवाही पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की बात भी कही गई है। विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है।








