Iran vs US: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना कुछ ही हफ्तों में ईरान को “पाषाण युग” में पहुंचा सकती है।
युद्ध को लेकर बदलते बयान
ट्रंप के बयानों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी वे युद्ध खत्म करने की बात करते हैं, तो कभी ईरान को कड़ी धमकी देते नजर आते हैं। ताजा संबोधन में उन्होंने कहा कि अमेरिका का अभियान तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
Iran vs US: ‘ईरान की सैन्य ताकत खत्म’ का दावा
अपने संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत ईरान की सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी हैं, मिसाइल और ड्रोन क्षमता कमजोर कर दी गई है और हथियार बनाने वाली कई सुविधाएं नष्ट कर दी गई हैं।
परमाणु कार्यक्रम रोकना मुख्य उद्देश्य
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा, “मैंने कसम खाई है कि ईरान को कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दूंगा।”
Iran vs US: ‘बातचीत फेल हुई तो और बड़ा हमला’
राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत असफल रहती है, तो आने वाले 2-3 हफ्तों में अमेरिका और बड़ा सैन्य कदम उठा सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि ईरान के इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
सत्ता परिवर्तन पर भी बयान
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान में शासन परिवर्तन नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात में नेतृत्व में बदलाव अपने आप हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं।
Iran vs US: तेल संकट के लिए ईरान को ठहराया जिम्मेदार
ट्रंप ने वैश्विक तेल कीमतों में बढ़ोतरी के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि तेल टैंकरों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार प्रभावित हुआ है और कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव पड़ा है।
सहयोगी देशों की सराहना
उन्होंने इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे देशों को इस अभियान में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही कहा कि अमेरिका ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर है और इस संघर्ष का सामना करने में सक्षम है।
Iran vs US: ‘खतरा खत्म करने के करीब’
ट्रंप ने इस पूरे अभियान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सिर्फ एक महीने में अमेरिका ने एक बड़े खतरे को खत्म करने की दिशा में निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया के लिए ईरान से उत्पन्न खतरा अब समाप्त होने के करीब है।
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