Abu dhabi: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी हिस्से में ड्रोन हमला होने की खबर सामने आई है। हमले के बाद प्लांट के बाहर लगे एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लग गई, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बाहरी हिस्से में लगी आग, सिस्टम सुरक्षित
अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक ड्रोन स्ट्राइक के कारण प्लांट की आंतरिक सुरक्षा सीमा के बाहर स्थित जनरेटर में आग लगी थी। घटना की जानकारी मिलते ही इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंचीं और कुछ ही देर में आग बुझा दी गई। यूएई की फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन ने साफ किया है कि न्यूक्लियर प्लांट के सभी जरूरी सिस्टम सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। रेडिएशन या रेडियोलॉजिकल सुरक्षा पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है।
Abu dhabi: ड्रोन कहां से आया? जांच शुरू
फिलहाल UAE प्रशासन ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ड्रोन कहां से आया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। अब तक किसी संगठन या समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यूएई सरकार ने कहा है कि देश के ऊर्जा और परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस घटना को काफी गंभीर माना जा रहा है।
Abu dhabi: IAEA ने नहीं दी तत्काल प्रतिक्रिया
वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी, लेकिन खबर लिखे जाने तक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
20 अरब डॉलर में बना था बराकाह प्लांट
Abu dhabi: बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट को करीब 20 अरब डॉलर की लागत से तैयार किया गया था। इस प्रोजेक्ट में दक्षिण कोरिया ने UAE की मदद की थी। साल 2020 में शुरू हुआ यह प्लांट अरब प्रायद्वीप का पहला और इकलौता परमाणु ऊर्जा संयंत्र माना जाता है।
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