UP News: अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने भाजपा नेता नवनीत राणा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नवनीत राणा मुस्लिम महिलाओं से भयभीत और डरी हुई हैं। इसलिए उन्होंने बयान दिया कि बुर्का पहनने वाली महिला मुख्यमंत्री या मेयर नहीं बन सकती। मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद के विधायक हुमायूं कबीर के बयान पर नवनीत राणा का यह कहना कि बुर्का पहनने वाली महिला मुख्यमंत्री या मेयर नहीं बन सकती। असल में, वह मुस्लिम महिलाओं से भयभीत और डरी हुई हैं। नवनीत राणा खुद एक महिला हैं, इसलिए उन्हें अन्य सम्प्रदाय की महिलाओं के लिए भी इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। उनको इतिहास देखना चाहिए, क्योंकि आज भी कई महिलाएं देश के अंदर मेयर हैं।
असम में फातिमा नाम की महिला मुख्यमंत्री रह चुकी
मालेगांव की मेयर का उदाहरण देते हुए मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने कहा कि नवनीत राणा को वहां जाकर देखना चाहिए। असम में फातिमा नाम की महिला भी मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। इसके अलावा मुस्लिम महिला नेताओं की अनेकों मिसालें हैं, जो दी जा सकती हैं। नवनीत राणा को परेशानी बुर्का से नहीं है, बल्कि उन्हें मुस्लिम महिलाओं से ही परेशानी है। इससे पहले, हुमायूं कबीर के ‘बुर्का’ वाले बयान पर नवनीत राणा ने पलटवार किया था। उन्होंने अपने बयान में कहा, हुमायूं कबीर की सात पीढ़ियां भी नीचे आ जाएं, तो पश्चिम बंगाल ही नहीं पूरे देश में कहीं पर भी बुर्का वाली न महापौर बन सकती है और न उनका कोई व्यक्ति कभी मुख्यमंत्री बन सकता है। हुमायूं कबीर सिर्फ सपने में सपना भी लेने के लिए 100 बार सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भगवान राम और उनके विचारों व भीमराव अंबेडकर की ओर से दिए गए संविधान की भूमि है। नवनीत राणा ने यह भी कहा, “भारत जब तक सेकुलर नहीं हो सकता है, जब तक मुस्लिम देश छोड़कर नहीं जाएंगे।
UP News: नवनीत राणा ने क्या कहा था?
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के माहौल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी, इसी दौरान बीजेपी नेता नवनीत राणा ने हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने बयान में कहा कि कुछ लोग ऐसे सपने देख रहे हैं, जो कभी भी हकीकत में नहीं बदल सकते। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान देने से पहले लोगों को सौ बार सोचना चाहिए, क्योंकि राजनीति में शब्दों का बहुत महत्व होता है। नवनीत राणा ने आगे अपनी बात को और कड़ा करते हुए कहा कि कबीर के परिवार की कई पीढ़ियां भी अगर कोशिश करें, तब भी हालात नहीं बदलने वाले हैं। उनके मुताबिक, न तो कोई बुर्का पहनने वाली महिला इस राज्य में मुख्यमंत्री या मेयर बन सकती है और न ही उनके खेमे से कोई व्यक्ति कभी मुख्यमंत्री पद तक पहुंच पाएगा।
उन्होंने यह भी इशारा किया कि इस तरह के बयान समाज में भ्रम फैलाने और लोगों को गुमराह करने का काम करते हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो जाता है। राणा ने कहा कि राजनीति में जिम्मेदारी और मर्यादा का पालन करना बेहद जरूरी है, और नेताओं को ऐसे शब्दों से बचना चाहिए जो समाज में विभाजन पैदा करें।







