UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। ओम प्रकाश राजभर ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह इस बार अपनी पारंपरिक जहूराबाद सीट से नहीं, बल्कि अतरौलिया से चुनाव लड़ेंगे।
NDA में बढ़ सकता है टकराव
राजभर के इस फैसले से एनडीए सहयोगी दलों के बीच खींचतान की स्थिति बन सकती है। अतरौलिया सीट पर अब तक संजय निषाद की पार्टी उम्मीदवार उतारती रही है। ऐसे में सीट बंटवारे को लेकर विवाद की संभावना बढ़ गई है।
UP Politics: “सबको बता दिया, अतरौलिया ही लड़ेंगे”
राजभर ने साफ कहा कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ और सहयोगियों को दे दी है। उन्होंने कहा, “हम अतरौलिया से ही चुनाव लड़ेंगे। दीदारगंज सीट पर भी हमारी नजर है।”
बेटों के चुनाव को लेकर खुला संकेत
जब उनसे उनके बेटों के चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जहूराबाद, दीदारगंज, सिकंदरपुर समेत कई सीटें हैं, जहां से वे चुनाव लड़ सकते हैं। इससे साफ है कि राजभर परिवार इस बार कई सीटों पर सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में है।
UP Politics: रोजगार और सामाजिक समीकरण होंगे मुद्दा
राजभर ने कहा कि चुनाव में उनका मुख्य मुद्दा बेरोजगारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार बनने पर हर बेरोजगार व्यक्ति को बिना बैंक गारंटी के गाय और भैंस दिलाने की योजना लागू की जाएगी।
आजमगढ़ में सपा को सीधी चुनौती
राजभर ने आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का गढ़ मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यहां सभी जातियों के लोग रहते हैं और यह किसी एक पार्टी का गढ़ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटों पर एनडीए जीत हासिल करेगा। साथ ही अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका “घमंड चकनाचूर” हो जाएगा।
UP Politics: सियासी संकेत क्या हैं?
राजभर का यह ऐलान यूपी की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। खासकर सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग और जातीय समीकरणों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए इस चुनौती को कैसे संभालता है।
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