Home » उत्तर प्रदेश » नोएडा सीट पर दिया बड़ा बयान! क्या पॉलिटिक्स में एंट्री लेंगी बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह? शूटिंग चैंपियन से राजनीति तक, जानिए पूरा प्रोफाइल…

नोएडा सीट पर दिया बड़ा बयान! क्या पॉलिटिक्स में एंट्री लेंगी बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह? शूटिंग चैंपियन से राजनीति तक, जानिए पूरा प्रोफाइल…

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Brij Bhushan Sharan: भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह इन दिनों राजनीति में एंट्री की चर्चाओं को लेकर सुर्खियों में हैं। नोएडा से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने साफ किया कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन परिस्थितियां बनीं तो वह पीछे नहीं हटेंगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

परिवार का तीसरा सदस्य मैदान में?

शालिनी सिंह के बयान के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि उनके परिवार से एक और सदस्य चुनावी राजनीति में उतर सकता है। इससे पहले परिवार के अन्य सदस्य भी सक्रिय राजनीति में रहे हैं, ऐसे में उनकी संभावित एंट्री को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Brij Bhushan Sharan: परिवारवाद पर दिया बेबाक जवाब

परिवारवाद के आरोपों पर शालिनी सिंह ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति में योग्यता और शिक्षा है, तो एक ही परिवार से कई लोग राजनीति में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए काबिलियत जरूरी है, न कि सिर्फ पारिवारिक पृष्ठभूमि।

शिक्षा और प्रशासनिक अनुभव

शालिनी सिंह का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है। वह दिल्ली विश्वविद्यालय विधि संकाय की अध्यक्ष रह चुकी हैं और यह चुनाव उन्होंने अपने दम पर जीता था। इसके अलावा वह एक सफल उद्यमी भी हैं और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

Brij Bhushan Sharan: शिक्षा संस्थानों का संचालन

वह ‘तपु एजुकेशनल सोसाइटी’ की अध्यक्ष और ‘इंदिरापुरम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन’ की चेयरमैन हैं। उनके नेतृत्व में गाजियाबाद, पटना, एनसीआर और अयोध्या में कई स्कूल और कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो उनकी प्रशासनिक क्षमता को दर्शाते हैं।

साहित्य में भी सक्रिय

राजनीति और शिक्षा के अलावा शालिनी सिंह की पहचान एक राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज के रूप में भी है। वह 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में हिस्सा ले चुकी हैं। इसके साथ ही उन्हें घुड़सवारी और एडवेंचर ड्राइविंग का भी शौक है। हाल ही में उनकी कविताओं की किताब ‘बेबाक हूं, बेदब नहीं’ भी चर्चा में रही है, जिससे उनकी साहित्यिक रुचि का पता चलता है।

Brij Bhushan Sharan: ‘बाहुबली’ शब्द पर अलग नजरिया

शालिनी सिंह ने ‘बाहुबली’ शब्द को लेकर भी अलग सोच रखी है। उनका कहना है कि पूर्वांचल में यह शब्द नकारात्मक नहीं, बल्कि ताकत और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। उनके अनुसार, जो मजबूत होता है वही कमजोरों की मदद कर सकता है। कुल मिलाकर, शालिनी सिंह बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी हैं और अगर वह राजनीति में सक्रिय रूप से उतरती हैं, तो आने वाले समय में बड़ा चेहरा बन सकती हैं।

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