Bihar News: बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड के रहने वाले अमन तिवारी का नाम एक बार फिर एक गंभीर साजिश से जुड़कर सामने आया है। जांच में पता चला है कि यह पहली बार नहीं है जब वह किसी बड़ी योजना में शामिल होने के आरोप में चर्चा में आया हो।
जानकारी के मुताबिक, साल 2022 में भी अमन तिवारी पर कोलकाता एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप लगा था। उस समय पुलिस को समय रहते इसकी जानकारी मिल गई थी और कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया गया था। उस वक्त वह नाबालिग था, इसलिए उसे कानूनी रूप से राहत मिल गई थी। अब एक बार फिर उसका नाम एक गंभीर मामले में सामने आया है।

प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश का आरोप
ताजा मामले में अमन तिवारी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि इस योजना के लिए उसने विदेशी खुफिया एजेंसी से संपर्क करने की कोशिश की थी।जांच में सामने आया है कि उसने कथित तौर पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA को एक प्रस्ताव भेजा था। इसके बदले उसने बड़ी रकम की मांग भी की थी। यह जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
इंटरनेट के जरिए संपर्क की कोशिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, अमन ने इंटरनेट के माध्यम से CIA से संपर्क करने का प्रयास किया था। उसने दावा किया था कि वह इस साजिश को अंजाम देने की क्षमता रखता है।बताया जा रहा है कि उसने इसके लिए एक निश्चित समयसीमा भी मांगी थी। जैसे ही सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। अब यह भी जांच की जा रही है कि वह अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।

Bihar News: पुलिस की तेज कार्रवाई, तीन लोग गिरफ्तार
सूचना मिलते ही बक्सर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अमन तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।पुलिस ने उसके पास से एक लैपटॉप और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं। इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि और जानकारी मिल सके। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें सामने आ सकती हैं।
पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में रहा शामिल
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, अमन तिवारी बचपन से ही शरारती और संदिग्ध गतिविधियों में रुचि रखने वाला रहा है। साल 2022 में उसने कोलकाता एयरपोर्ट को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।उस समय भी उसके विदेशी संपर्क होने की बात सामने आई थी। लेकिन नाबालिग होने के कारण उस पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई थी। अब एक बार फिर उसका नाम गंभीर साजिश में आने से उसकी गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
बड़े नेटवर्क की तलाश में जांच एजेंसियां
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है। पुलिस इस पूरे मामले को साइबर एंगल से भी जांच रही है।इसके साथ ही संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल इस घटना ने न केवल इलाके में बल्कि पूरे देश में चर्चा और चिंता का माहौल बना दिया है।
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