J/k news: जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर Manoj Sinha ने जम्मू के एमए स्टेडियम से “ड्रग-फ्री जम्मू-कश्मीर” अभियान की शुरुआत करते हुए इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान हर गांव, कस्बे और शहर तक पहुंचेगा और नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रशासन के मुताबिक अगले तीन महीने बेहद अहम होंगे और इस दौरान छह चरणों में जागरूकता, भागीदारी और कार्रवाई पर काम किया जाएगा।
पूरे समाज की जिम्मेदारी
एलजी ने कहा कि नशा सिर्फ आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि हर मामले के पीछे एक परिवार की पीड़ा जुड़ी होती है। इसलिए इसे व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक समस्या मानते हुए सभी को मिलकर इसके खिलाफ खड़ा होना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस अभियान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं।
J/k news: तस्करों पर सख्त वार
मनोज सिन्हा ने साफ किया कि नशा तस्करों के खिलाफ अब कड़ी और बिना समझौते वाली कार्रवाई होगी। उनके नेटवर्क को तोड़ा जाएगा, संपत्तियां जब्त होंगी, बैंक खाते फ्रीज किए जाएंगे और पासपोर्ट, लाइसेंस व आधार जैसे दस्तावेज भी रद्द किए जा सकते हैं। साथ ही सीमा पार से हो रही तस्करी पर भी सख्त नजर रखी जा रही है।
J/k news: हर स्तर पर निगरानी
एलजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो और जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाए। पंचायतों, मोहल्ला समितियों और स्थानीय नेटवर्क की मदद से हर दोषी की पहचान कर सख्त सजा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
युवाओं की भागीदारी जरूरी
उन्होंने कहा कि 2021 से इस दिशा में लगातार काम हो रहा है और अब इसे और तेज किया जाएगा। युवाओं, शिक्षकों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ने की अपील की गई, क्योंकि यही लोग इस आंदोलन की असली ताकत बनेंगे।
जन-आंदोलन की दिशा में कदम
J/k news: एलजी के अनुसार, आने वाले समय में खेल प्रतियोगिताएं, वाद-विवाद, क्विज़, पदयात्राएं और मैराथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल सिर्फ शुरुआत है और लक्ष्य एक मजबूत जन-आधारित आंदोलन खड़ा करना है, जिससे जम्मू-कश्मीर को नशा-मुक्त बनाया जा सके।
ये भी पढ़े: ईरान से 312 और भारतीय मछुआरे सुरक्षित लौटे, आर्मेनिया के रास्ते भारत की बड़ी कामयाबी







