Bengal Election: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पूर्व बर्धमान जिले के खंडाघोष में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अगर इस बार भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य के कई लोगों को अपना घर और आश्रय खोना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में आम जनता के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
भाजपा पर गंभीर आरोप और चेतावनी
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार बनने पर लोगों की पहचान और सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों से उनका घर, परिवार और पहचान तक छीन सकती है। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन उनके वादों और नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा किए जा रहे कई वादे भ्रामक हैं और जनता को गुमराह करने के लिए किए जा रहे हैं।
Bengal Election: 7वें वेतन आयोग और विकास दावों पर सवाल
मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं के 7वें वेतन आयोग लागू करने के वादे को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही फरवरी में अपने बजट में इस आयोग की घोषणा कर चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल ऐसा राज्य है जहां सरकारी कर्मचारियों को पेंशन मिलती है। इसके अलावा, उन्होंने बंगाल के प्रसिद्ध खाद्य उत्पादों के निर्यात को लेकर किए गए वादों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ये उत्पाद पहले से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध हैं।
महंगाई और चुनावी मुद्दों पर घेरा
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर महंगाई को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें क्यों नहीं घटाई जा रही हैं। साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यक वोटों को बांटने के लिए कथित आर्थिक सौदों का भी आरोप लगाया। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि 4 मई को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। ऐसे में चुनावी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
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