US-Iran War: अमेरिका और के बीच जारी तनाव के बीच बड़ा दावा सामने आया है। इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि तेहरान ने समझौते के लिए अमेरिका से संपर्क किया है।
वार्ता फेल होने के बाद बढ़ी हलचल
इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे चली मैराथन बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच संभावित समझौते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
US-Iran War: ‘डील करना चाहता है ईरान’—ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को कॉल कर समझौते की इच्छा जताई है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान जल्द से जल्द किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहता है। हालांकि, इस दावे पर ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
परमाणु कार्यक्रम बना मुख्य मुद्दा
ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान अपनी परमाणु क्षमता बनाए रखता है, तो समझौता संभव नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
US-Iran War: नाकाबंदी और दबाव की रणनीति
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य ईरान को दोबारा वार्ता की मेज पर लाना और वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करना है।
अनिश्चित बना हुआ है भविष्य
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर युद्धविराम समाप्त होने तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि ईरान अंततः अमेरिका की शर्तों को मान सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका और ईरान के संबंधों में अनिश्चितता बनी हुई है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देश कूटनीतिक समाधान तक पहुंच पाते हैं या तनाव और बढ़ता है।
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