Supreme Court News: रिनिकी सरमा मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने उनकी ट्रांजिट बेल बढ़ाने की मांग खारिज कर दी और स्पष्ट कहा कि उन्हें अग्रिम जमानत के लिए असम की अदालत का रुख करना चाहिए।
गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने की सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि एफआईआर असम में दर्ज हुई है, इसलिए पवन खेड़ा को गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई स्वतंत्र रूप से करे और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित न हो।
Supreme Court News: दस्तावेजों पर कोर्ट की सख्ती
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खेड़ा पक्ष द्वारा पेश दस्तावेजों पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि तेलंगाना हाईकोर्ट में गलत आधार कार्ड पेश कर क्षेत्राधिकार (जुरिस्डिक्शन) बनाने की कोशिश की गई, जो गंभीर मामला है। जजों ने इसे “छोटी गलती” मानने से इनकार किया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। इसमें पवन खेड़ा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेशी संपत्ति छिपाने जैसे आरोप लगाने के चलते धोखाधड़ी, मानहानि और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं।
Supreme Court News: ट्रांजिट बेल पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर भी रोक लगा दी है। साथ ही खेड़ा को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब मांगा गया है।
आगे का रास्ता
हालांकि कोर्ट ने यह साफ किया कि अगर खेड़ा असम की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो इस आदेश का उनके केस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट ने साफ संदेश दिया है कि कानूनी प्रक्रिया का पालन सही तरीके से होना चाहिए और क्षेत्राधिकार को लेकर किसी तरह की चालाकी स्वीकार नहीं की जाएगी।
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