Reservation Bill: महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के बाद देश की राजनीति में तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी द्वारा इस घटना को लोकतंत्र की जीत बताए जाने पर भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सत्तापक्ष ने आरोप लगाया है कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के साथ समझौता किया है और इसका जवाब जनता देगी।
प्रियंका गांधी के बयान से बढ़ा विवाद
प्रियंका गांधी ने विधेयक के गिरने को विपक्ष की एकजुटता की जीत बताया था। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की उस योजना को रोका गया, जो देश के संघीय ढांचे को प्रभावित कर सकती थी। उनके इस बयान के बाद सत्तापक्ष के नेताओं ने इसे महिलाओं के हितों के खिलाफ बताया और कड़ी आलोचना की।
Reservation Bill: भाजपा और सहयोगी दलों का हमला
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि महिलाओं को अधिकार देने वाले विधेयक को गिराने में कांग्रेस की भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कांग्रेस इसे सही ठहराने की कोशिश कर रही है। भाजपा की अन्य नेताओं ने भी कहा कि विपक्ष का यह रुख महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है और देश की महिलाएं इसे स्वीकार नहीं करेंगी।
बिल गिरने के बाद तेज हुआ राजनीतिक टकराव
यह विधेयक संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन आवश्यक दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। मतदान में इसे पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, जिससे यह पारित नहीं हो पाया। इसके बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
ये भी पढ़ें…अदाणी ग्रुप का एयरपोर्ट सिटी मास्टरप्लान, अब एयरपोर्ट बनेंगे मिनी शहर








