Punjab News: पंजाब के कपूरथला से 25 साल पहले लापता हुआ हंसा सिंह आखिरकार अपने घर लौट आया, लेकिन उसकी वापसी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं और अंत उतना ही भावुक जितना चौंकाने वाला है।
पहले जानिए मामला…
साल 2001 में अचानक गायब हुआ हंसा सिंह मानसिक रूप से परेशान था। परिवार ने 3 साल तक उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उसे मृत मान लिया गया। 2004 में पंचायत के फैसले के बाद उसकी पत्नी की शादी उसके छोटे भाई से कर दी गई। इधर, हंसा सिंह भटकते-भटकते उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर कस्बे में पहुंच गया। अपनी पहचान और अतीत सब भूल चुका हंसा 25 साल तक सड़कों पर भिखारी की तरह जिंदगी जीता रहा। लोग उसे पागल समझकर खाना दे देते थे।

Punjab News: एक शब्द ने दिलाई पहचान
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में घूम रहा है। थाना प्रभारी ने उसे अपने पास बैठाकर प्यार से पूछताछ की। काफी कोशिशों के बाद हंसा के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला ‘कपूर…’ पुलिस ने तुरंत कपूरथला जोड़कर पूछा, तो हंसा ने सिर हिलाकर हां कर दी। बस यही एक सुराग उसकी पहचान का रास्ता बन गया। पंजाब पुलिस से संपर्क हुआ, पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए और 72 घंटे के भीतर उसके बड़े भाई को बुलाया गया। जैसे ही दोनों आमने-सामने आए, 25 सालों का इंतजार आंसुओं में बदल गया।
घर मिला, लेकिन रिश्ता नहीं
13 अप्रैल को हंसा सिंह अपने गांव लौटा, लेकिन यहां सब कुछ बदल चुका था। उसकी पत्नी अब छोटे भाई की पत्नी बन चुकी है और उनके दो बच्चे भी हैं। गांव के सरपंच के मुताबिक, हंसा ने सबसे पहले अपने बड़े भाई को पहचाना और उसे देखकर फूट-फूटकर रो पड़ा। भाई ने उसे संभाला, लेकिन पत्नी ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया। हंसा के लिए घर लौटना एक नई शुरुआत है, लेकिन उसकी जिंदगी अब पहले जैसी नहीं हो सकती। एक तरफ परिवार मिलने की खुशी है, तो दूसरी तरफ रिश्तों के बदल जाने का दर्द।
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