Uttam Nagar: उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में होली के दिन हुई 26 वर्षीय युवक तरुण कुमार की हत्या के बाद से इलाके में गहरा डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। घटना को बीते कई दिन हो चुके हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। कॉलोनी की गलियों में सन्नाटा पसरा है और लोग बेहद जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
धमकियों का सामना
स्थानीय निवासियों का कहना है कि घटना के बाद से उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का दावा है कि उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे उनके भीतर असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है। कुछ लोगों ने बताया कि हालात ऐसे बन गए हैं कि अब उन्हें अपने ही घरों में सुरक्षित महसूस नहीं होता। डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई परिवारों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए हैं। कुछ लोग अपनी पुश्तैनी संपत्ति तक छोड़ने को मजबूर हो गए हैं, जबकि किरायेदार भी अन्य इलाकों में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई।

Uttam Nagar: पुलिस की भूमिका पर सवाल
स्थानीय पार्षद साहिब ऐशवाल ने प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जहां एक ओर आरोपितों के परिजनों को पुलिस सुरक्षा के साथ उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 13 अप्रैल को कुछ लोगों को पुलिस सुरक्षा में इलाके में लाया गया, जिसके बाद कथित तौर पर पीड़ित परिवार को धमकियां दी गईं। वहीं, पीड़ित परिवार के वकील सुमित चौहान का कहना है कि उनके पास धमकियों के सबूत मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने में देरी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
क्यों की गई थी तरुण की हत्या?
पुलिस के अनुसार, यह घटना 4 मार्च 2026 को होली के दिन एक मामूली विवाद के बाद शुरू हुई थी। जानकारी के मुताबिक, एक बच्ची द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा पास खड़े लोगों पर गिर गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। शुरुआत में मामला शांत हो गया था, लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ गई और हिंसक झड़प में बदल गई। इसी दौरान तरुण कुमार पर हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मामले में कई लोगों की पहचान की गई है और जांच जारी है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनका भरोसा डगमगाया है।
घटना के बाद से इलाके में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को बाहर खेलने तक नहीं भेज पा रहे हैं। वहीं, बुजुर्ग भी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन से लगातार सुरक्षा बढ़ाने, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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