US Iran ship conflict: खाड़ी क्षेत्र में ईरानी झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को अमेरिका द्वारा जब्त किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ गया है। इस मामले में चीन ने खुद को इससे अलग बताते हुए जहाज से किसी भी तरह के संबंध से इनकार कर दिया है।
चीन ने आरोपों को बताया निराधार
बीजिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह एक विदेशी ध्वज वाला जहाज है और चीन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि चीन ऐसे दावों का सख्ती से विरोध करता है।
US Iran ship conflict: “मिसाइल सामग्री ले जा रहा था जहाज”
निक्की हेली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था और इसमें मिसाइल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली रासायनिक सामग्री लदी हुई थी। उन्होंने चीन पर ईरान को समर्थन देने का आरोप भी लगाया।
US Iran ship conflict: अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई
अमेरिकी नौसेना के अनुसार जहाज को रोकने के कई निर्देश दिए गए थे, लेकिन आदेश न मानने पर कार्रवाई की गई। इसके बाद अमेरिकी मरीन कमांडो ने जहाज को अपने कब्जे में ले लिया।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया ‘सीजफायर का उल्लंघन’
ईरान ने इस कार्रवाई को सीजफायर का उल्लंघन और ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है। ईरानी सेना का आरोप है कि अमेरिका ने ओमान सागर में एक व्यापारिक जहाज पर हमला कर उसके नेविगेशन सिस्टम को नुकसान पहुंचाया और जबरन कब्जा किया।
तनाव बढ़ने की आशंका
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस कार्रवाई का जवाब देगा, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। इस बीच, डोनाल्ड ट्रम्प पहले भी चीन पर ईरान को समर्थन देने को लेकर कड़े आर्थिक कदम उठाने की चेतावनी दे चुके हैं।
Written By : Kanishka Ram.
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