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तमिलनाडु में 85% मतदान का मतलब क्या? विजय के लिए खुला रास्ता या बड़ा ट्विस्ट!

Tamil Nadu Election: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में 23 अप्रैल को हुए मतदान में करीब 85 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जिससे राज्य की राजनीति और भी दिलचस्प हो गई है। 234 सीटों पर हुए इस चुनाव में अब फैसला मतदाताओं के हाथ में है कि क्या फिल्म स्टार से नेता बने जोसेफ विजय सत्ता तक पहुंच पाएंगे।

सिनेमा से सियासत तक का सफर

तमिलनाडु की राजनीति में फिल्मी सितारों का प्रभाव पहले से ही रहा है। एम. जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता जैसे दिग्गजों ने फिल्मों से राजनीति में आकर सत्ता हासिल की थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विजय ने अपनी पार्टी तमिलागा वेट्री कझगम बनाकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा है।

Tamil Nadu Election: त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई दिलचस्पी

इस बार चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप से द्रविड़ मुनेत्र कषगम गठबंधन, एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन और विजय की टीवीके के बीच माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीवीके 15 से 20 प्रतिशत तक वोट शेयर हासिल कर सकती है, लेकिन सरकार बनाने के लिए यह आंकड़ा पर्याप्त नहीं है।

चुनावी अभियान में चुनौतियां

विजय के चुनावी सफर में कुछ मुश्किलें भी सामने आईं। करूर रैली के दौरान भगदड़ और मतदान के दिन परिवहन अव्यवस्था जैसे मुद्दों ने उनके अभियान को प्रभावित किया। इसके बावजूद उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना जताई और चुनाव आयोग से मतदान समय बढ़ाने की मांग भी की।

Tamil Nadu Election: युवाओं में लोकप्रियता, किंगमेकर बनने की संभावना

युवाओं के बीच विजय की लोकप्रियता ने उन्हें एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही उनका सीधे सत्ता में आना मुश्किल हो, लेकिन वे ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकते हैं।

नतीजों पर टिकी निगाहें

अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर है, जो यह तय करेंगे कि तमिलनाडु की राजनीति में विजय सत्ता तक पहुंचते हैं या एक मजबूत तीसरी ताकत के रूप में उभरते हैं।

आइए जानते कुछ महत्वपूर्ण बातें विस्तार से …….

सवाल 1: विजय की एंट्री और रणनीति कैसी रही?

विजय ने 2024 में तमिलागा वेट्री कझगम बनाकर फुल-टाइम राजनीति में उतरने का ऐलान किया और फिल्मों से दूरी बनाई। उनकी रणनीति युवाओं पर फोकस, ‘धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय’ की लाइन और मुफ्त बिजली, महिला फ्री बस यात्रा जैसे वादों पर आधारित रही।

सवाल 2: क्या प्रचार के दौरान बड़े हादसे हुए?

हां, करूर रैली में भगदड़ की घटना और मतदान के दिन परिवहन अव्यवस्था जैसे मुद्दों ने अभियान को प्रभावित किया। इसके चलते कई मतदाता मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाए।

सवाल 3: क्या विजय ने पीड़ितों के लिए कुछ किया?

विजय ने हादसे के बाद पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और संवेदना जताई। आर्थिक सहायता भी दी गई, हालांकि कई लोग इसे सिस्टम की विफलता मानते हैं।

सवाल 4: चुनावी समीकरण क्या कहते हैं?

मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कषगम, एआईएडीएमके-भाजपा और टीवीके के बीच है। विशेषज्ञों के अनुसार, टीवीके 20% तक वोट शेयर ला सकती है, लेकिन बहुमत मुश्किल है—ऐसे में विजय ‘किंगमेकर’ बन सकते हैं।

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