Iran Diplomacy: अब्बास अराघची की लगातार यात्राओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। वे इस्लामाबाद, मस्कट और अब रूस के दौरे पर हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान सक्रिय कूटनीति के जरिए समाधान तलाश रहा है।
पाकिस्तान और ओमान के जरिए संवाद की कोशिश
ईरान ने अमेरिका से सीधे बातचीत से दूरी बनाई है और पाकिस्तान व ओमान के जरिए अपनी बात आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। अराघची ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के साथ अहम बैठकें कीं, वहीं ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से भी चर्चा की।
Iran Diplomacy: रूस की भूमिका पर नजर
ईरान अब रूस की ओर भी देख रहा है, जहां आगे की रणनीतिक बातचीत की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान वैश्विक स्तर पर समर्थन जुटाकर दबाव संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।
Iran Diplomacy: ट्रंप का बयान और ‘10 मिनट’ का दावा
डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि उनका दौरा रद्द करने के 10 मिनट के भीतर ही ईरान ने नया प्रस्ताव भेजा। इस बयान को विशेषज्ञ ईरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति मान रहे हैं।
युद्ध खत्म करने की कोशिश या रणनीतिक दबाव?
तेजी से हो रही इन बैठकों और दौरों से संकेत मिल रहे हैं कि ईरान युद्ध और तनाव को कम करने के लिए बहुपक्षीय कूटनीति अपना रहा है। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि यह रणनीति अमेरिका और सहयोगी देशों पर दबाव बनाने का हिस्सा हो सकती है।
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