CG NEWS: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां तालाब में डूबने से दो जुड़वा मासूम बच्चियों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में गहरा शोक व्याप्त है। यह हादसा बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है।
खेलते-खेलते तालाब में गिरीं बच्चियां
यह घटना बाराद्वार थाना क्षेत्र के लवसरा गांव की है। मृत बच्चियों की पहचान दीप्ति गोंड और दिव्या गोंड (दोनों उम्र 6 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चियां सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपने घर के पास खेल रही थीं। खेलते-खेलते वे तालाब के किनारे पहुंच गईं और असावधानीवश गहरे पानी में गिर गईं। घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें समय रहते बचाया नहीं जा सका। कुछ समय बाद गांव के लोगों ने तालाब में दोनों बच्चियों के शव तैरते हुए देखे, जिसके बाद हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और परिजनों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सक्ती ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
CG NEWS: पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाबों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
दूसरी घटना ने भी बढ़ाई चिंता
इसी बीच बालोद जिले से भी एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक पिता अपनी बेटियों को बचाने के लिए नहर में कूद गया और उसकी मौत हो गई। एक बेटी को बचा लिया गया, जबकि दूसरी अब भी लापता है। इन घटनाओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा और बच्चों पर निगरानी बेहद जरूरी है। यह केवल एक परिवार का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना अनिवार्य है।








