Mathura Police Encounter: मथुरा में गुरुवार सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो इनामी डकैत मारे गए। दोनों बदमाश बाबरिया गिरोह से जुड़े थे और उन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू और राजेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के रहने वाले थे और 23 अप्रैल को सुरीर के टैंटीगांव में कारोबारी अजय अग्रवाल के घर हुई बड़ी डकैती में शामिल थे।
पुलिस ने 17 टीमें बनाकर शुरू की थी तलाश
डकैती की घटना के बाद एसएसपी श्लोक कुमार ने बदमाशों को पकड़ने के लिए 17 पुलिस टीमें बनाई थीं। लगातार जांच और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को बुधवार रात बदमाशों की लोकेशन का पता चला। इसके बाद टैंटीगांव में यमुना एक्सप्रेस-वे अंडरपास के आसपास घेराबंदी की गई।

बाइक से भागने की कोशिश में हुआ एनकाउंटर
गुरुवार तड़के पुलिस को दो संदिग्ध बाइक सवार आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों बदमाश बाइक मोड़कर भागने लगे। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी घायल हुए हैं।
Mathura Police Encounter: कई राज्यों में दर्ज थे गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, धर्मवीर उर्फ लंबू पर मथुरा के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में डकैती, चोरी, छिनैती और हत्या के प्रयास समेत 16 मामले दर्ज थे। वहीं राजेंद्र उर्फ पप्पू पर मथुरा, मेरठ, फिरोजाबाद, हरियाणा और दिल्ली में डकैती और अवैध शराब बनाने समेत 11 केस दर्ज थे।

23 अप्रैल की रात कारोबारी के घर डाला था डाका
23 अप्रैल की रात करीब 12:30 बजे पांच नकाबपोश बदमाश टैंटीगांव में किराना कारोबारी अजय अग्रवाल के घर पहुंचे। बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए और परिवार के सभी लोगों को बंधक बना लिया।
डकैतों ने अजय अग्रवाल, उनके पिता प्रेम प्रकाश अग्रवाल, पत्नी अनीता अग्रवाल और छह साल की बेटी उमा को रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद हथियारों के बल पर लॉकर की चाबी ले ली।

ढाई घंटे तक घर में करते रहे लूटपाट
बदमाश करीब ढाई घंटे तक घर में लूटपाट करते रहे। रात तीन बजे तक उन्होंने पूरे घर की तलाशी ली और करीब 20 लाख रुपये का सामान लेकर फरार हो गए। लूटे गए सामान में तीन लाख रुपये से ज्यादा नकदी और सोने-चांदी के जेवर शामिल थे।भागते समय बदमाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी अपने साथ ले गए, ताकि कोई सबूत न बच सके।
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए आसपास के 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। इसके अलावा 500 से अधिक संदिग्ध लोगों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने बदमाशों की तलाश में 10 जिलों में दबिश भी दी थी।

नाम बदलकर करते थे अपराध
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि डकैती के बाद यह गिरोह नोएडा, खैर, दिल्ली, पलवल और रेवाड़ी में भी सक्रिय था। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। जांच में सामने आया कि दोनों बदमाश अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर वारदातों को अंजाम देते थे। वे कई बार जेल भी जा चुके थे।पुलिस ने उनके पास से डकैती में लूटी गई कुछ नकदी और जेवर भी बरामद किए हैं।








